सिक्किम की खूबसूरती देख खो जाएगा आपका दिल, आज के दिन ही बना था देश का 22वां राज्य

Daily news network Posted: 2019-05-16 15:31:11 IST Updated: 2019-05-16 19:48:44 IST
  • पूर्वोतर भारत के सबसे खूबसूरत हिस्से की बात करें तो सबसे पहला नाम सिक्किम का ही आता है। दुनिया में पर्वतों की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा के मनमोहक व्यू के साथ इसे भारत के पूर्व का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है।

पूर्वोतर भारत के सबसे खूबसूरत हिस्से की बात करें तो सबसे पहला नाम सिक्किम का ही आता है। दुनिया में पर्वतों की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा के मनमोहक व्यू के साथ इसे भारत के पूर्व का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। पर्यटकों से भरा रहने वाला ये सिक्किम हर साल 16 मई को अपना फांउडेशन डे मनाता है। आज ही के दिन यह भारत का 22वां राज्य बना था।


 

 


सिक्किम के इतिहास की बात करें तो जो सबसे पुराना विवरण यहां के बारे में कहा जाता है कि बौद्ध भिक्षु गुरु रिन्पोचे 8वीं सदी में सिक्किम दौरे पर आए थे। आज हम आपको सिक्किम राज्य के इतिहास और यहां पर आने वाले टूरिस्टों की पंसदीदा टूरिस्ट प्लेस के बारे में बताने जा रहे हैं। इस वेकेशन आप भी अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ यहां घूमने का प्लान बना सकते हैं। बौद्ध भिक्षु गुरु रिन्पोचे ने यहां बौद्ध धर्म का प्रचार शुरू किया, सिक्किम को आशीष दिया तथा कुछ सदियों पश्चात आने वाले राज्य की भविष्यवाणी भी की। मान्यता के अनुसार 14वीं सदी में ख्ये बुम्सा, पूर्वी तिब्बत में खाम के मिन्यक महल के एक राजकुमार को एक रात दैवीय दृष्टि के अनुसार दक्षिण की ओर जाने का आदेश मिला। इनके ही वंशजों ने सिक्किम में राजतन्त्र की स्थापना की। आधिकारिक घोषणा की बात करें तो सन् 1975 में इसे भारत का राज्य घोषित किया गया था। 1642इस्वी में ख्ये के पांचवें वंशज फुन्त्सोंग नामग्याल को तीन बौद्ध भिक्षु, जो उत्तर, पूर्व तथा दक्षिण से आये थे, द्वारा युक्सोम में सिक्किम का प्रथम चोग्याल (राजा) घोषित किया गया। इस प्रकार सिक्किम में राजतन्त्र का आरम्भ हुआ।

 

 

बर्फ से ढकी पहाड़ियों और तंग घाटियों का नजारा पर्वतों के राजा हिमालय के निचले इलाके में स्थित है सिक्किम। यह राज्य है तो छोटा, लेकिन यहां के नजारे लाजवाब हैं। इसकी खूबसूरती की वजह से इसे अक्सर 'पूर्व का स्विट्जरलैंड' भी कहा जाता है। सिक्किम की यात्रा आपको बर्फ से ढंकी पहाड़ियों, अल्पाइन की मोटी लकड़ी से ढंके रोलिंग स्लोप्स की जगह ले जाएगी। सीधी चढ़ाई वाली चोटियां और तंग घाटियां, बर्फ में ढंका इलाका-यह ही तो सिक्किम है। बादलों का आपसी खेल और नीलमणि जैसे आकाश में पर्वतों की चोटियां देखना है तो सिक्किम की यात्रा जरूर करें। माउंट कंचनजंघा को ही लीजिए, सूर्योदय होते ही उसकी किरणें सुनहरी होकर जमीन से टकराती हैं।

 

 सिक्किम के नाम जुड़ी है एक और उपलब्धि

 

सिक्किम के नाम हाल ही में एक उपलब्धि जुड़ी है। पिछले साल ही सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग देश में ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के नाम था। चामलिंग 1994 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। और उस समय से वे ही सिक्किम के मुख्यमंत्री हैं।


 रॉ के पहले निदेशक रामेश्वरनाथ काव ने करवाया था विलय

 

रॉ के पहले निदेशक रामेश्वरनाथ काव ने साल 1975 में पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का भारत में विलय करवाया था। जब भारत ऐशिया की प्रमुख शक्तियों में शुमार हो रहा था। उस वक्त सिक्किम की समस्या बढ़ने लगी, जब वहां के महाराज ने एक अमेरिकी महिला से शादी कर ली। इसके बाद वहां सीआईए का दखल होने लगा, जो भारत के लिए अच्छा नहीं था। लेकिन उस समय काव के कुशन नेतृत्व ने ही इंदिरा गांधी को सुझाव दिया कि सिक्किम का भारत में विलय कराया जा सकता है।


 चीन की नाक के नीचे यह सब करना मुश्किल था। चीन की सेना सीमा पर थीं, लेकिन काव के कुशल नेतृत्व और शानदार रणनीति की वजह से बगैर खून बहाए, 3000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र का भारत में विलय कराया और सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना।