बयान देकर फंस गर्इ ममता, रिजिजू के साथ कांग्रेस ने भी दीदी को बताया गलत

Daily news network Posted: 2018-08-01 14:39:57 IST Updated: 2018-09-24 14:04:27 IST
बयान देकर फंस गर्इ ममता, रिजिजू के साथ कांग्रेस ने भी दीदी को बताया गलत
  • असम में एनआरसी काे लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'गृह युद्ध जैसे हालात' वाले बयान पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गर्इ है।

नर्इ दिल्ली।

असम में एनआरसी काे लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'गृह युद्ध जैसे हालात' वाले बयान पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गर्इ है। ममता ने ये बयान देकर चोरा तरफ से घिर गर्इं हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने ममता के बयान पर उन्हें हिंसा नहीं भड़काने की सलाह दी है। इसके साथ ही उनके इस बयान की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वो राज्य में क़ानून व्यवस्था बनाए रखे न कि वो हिंसा भड़काएं।

 


 


रिपुन बोरा ने भी कि निंदा

 वहीं असम कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा ने बयान की निंदा करते हुए कहा, "ममता बनर्जी को बतौर मुख्यमंत्री 'गृह युद्ध' जैसी बात नहीं करनी चाहिए। उनके इस बयान से असम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।"


 


यूपी के उप मुख्यमंत्री ने भी साधा निशाना

 ताे वहीं यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने ममता पर निशाना साधते हुए कहा, 'NRC मामले में जाति या समुदाय लाना ठीक नहीं है क्योंकि यह लोग भारत के मुसलमानों, हिंदू और इसाइयों का भी अधिकार छीन रहे हैं। ममता दीदी जानती है कि बंगाल में उनका दीप बुझने वाला है और वहां के दलदल में कमल खिलने वाला है। इसलिए वो इस तरह के आरोप लगा रही हैं।'शर्मा ने आगे कहा, "मोदी जी 125 करोड़ भारतीयों के लिए 'सबका साथ सबका विकास' कर रहे हैं। अगर कोई यहां अवैध तरीके से रहना शुरू कर देता है फिर चाहे वो बंगाल में हो, असम और उत्तर प्रदेश में हो लेकिन उन्हें किसी का अधिकार छीनने का हक़ नहीं है।

 

 "गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात के दौरान बिल में संशोधन करने की बात कही थी। मुलाक़ात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैने उनसे NRC बिल में संशोधन की मांग की है। उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया है कि लोगों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। मैने उनसे बंगाल में भी NRC लिस्ट लाने की ख़बरों को लेकर पूछा है। मैंने उनसे कहा कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो देश में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा होंगे।'


बता दें कि सोमवार को NRC का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद 40 लाख़ से ज्यादा लोगों का भविष्य अधर में लटक गया है। इन लोगों का नाम ड्राफ्ट में नहीं है।वहीं केंद्र सरकार भी इन लोगों की नागरिकता को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह रही है।NRC ड्राफ्ट में 2.89 करोड़ लोगों का नाम शामिल है जबकि असम में 3.29 करोड़ लोगों ने आवेदन दिया था। 40 लाख लोगों के नाम रजिस्टर में क्यों नहीं है, इसके कारणों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।