Twitter पर ट्रेड कर रहा है #NRCAssam

Daily news network Posted: 2018-07-30 13:51:01 IST Updated: 2018-07-30 13:51:01 IST
Twitter पर ट्रेड कर रहा है #NRCAssam
  • पूर्वोत्तर के राज्य असम के एनआरसी के समन्वक प्रतीक हजेला ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एनआरसी का अंतिम मसौदा जारी किया। असम के लोगों के साथ देश की जनता का भी इसका बेसब्री से इंतजार था।

गुवाहाटी।

पूर्वोत्तर के राज्य असम के एनआरसी के समन्वक प्रतीक हजेला ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एनआरसी का अंतिम मसौदा जारी किया। असम के लोगों के साथ देश की जनता का भी इसका बेसब्री से इंतजार था। तभी तो भारत के ट्विटर ट्रेड में #NRCAssam सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रहा है। अभी तक इस पर 1,500 से ज्यादा ट्वीट किए जा चुके हैं। इसके साथ ही #NRCAssam ट्विटर पर सबसे लोकप्रिय विषय बना हुआ है।

 

 बता दें कि सोमवार की सुबह 10 बजे एनआरसी के अंतिम मसौदे को जारी किया गया। जिसमें कुल 2 करोड़ 89 लाख लोग भारतीय नागरिक पाए गए हैं। फाइनल मसौदे के मुताबिक 40 लाख लोग भारतीय नागरिक नहीं हैं। एनआरसी के अंतिम मसाैदे में असम के कुल 3,29,91,384 आवेदकों में से 2,89,83,677 को योग्‍य पाया गया है।

 

 

सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर

 इसी के साथ असम पुलिस की सोशल मीडिया पर पैनी नजर है ताकि कोर्इ भी फेक खबरें फैला कर स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश न कर सके। बता दें कि असम पुलिस ने सोशल मीडिया पर #TheTinkCampaign नाम से एक अभियान शुरू किया है ताकि सोशल मीडिया पर फेक खबरों को प्रसारित करने से रोका जा सके।

सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय सावधानी बरतने को कहा

 

पिछले महीने बच्चा चोरी के संदेह में असम के कार्बी अलोंग जिले में फेक न्यूज के कारण ही दो लोगों को भीड़ ने पीट पीट कर मार दिया गया था। जिसके बाद एेसी फेक खबरों पर पाबंदी लगाने के लिए असम पुलिस ने आर्इटी सेल पर पर ध्यान केंद्रित किया था। इसके साथ ही महानिदेशक कुलधर सैकिया ने कहा था कि अफवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सैकिया ने सोशल मीडिया पर कोर्इ भी संदेश पोस्ट करने से पहले सावधानी बरतने के लिए कहा है।

 

कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों कीे तैनाती

 हालांकि असम में एनआरसी मसौदे को जारी करने से पहले  केंद्र सरकार ने राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों की 220 कंपनियों को तैनात किया है। राज्य के 7 जिलों- बारपेटा, दर्रांग, डीमा हासो, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी में निषेधाज्ञा लागू की गई है।

एनआरसी अभियान

 बता दें कि असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को निकालने के लिए सरकार ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) अभियान चलाया है। दुनिया के सबसे बड़े अभियानों में गिने जाने वाला यह कार्यक्रम डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट आधार पर है, यानी कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहले पहचान की जाएगी फिर उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा। असम में घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए यह अभियान करीब 37 सालों से चल रहा है।

 

1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान वहां से पलायन कर लोग भारत भाग आए और यहीं बस गए। इस कारण स्थानीय लोगों और घुसपैठियों के बीच कई बार हिंसक झड़पें हुईं। 1980 के दशक से ही यहां घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए आंदोलन हो रहे हैं। बीते जनवरी माह में असम में सरकार ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का पहला ड्राफ़्ट जारी किया था। इसमें 3.29 करोड़ लोगों में से केवल 1.9 करोड़ को ही भारत का वैध नागरिक माना गया है।