NRC: सिविल वॉर की चेतावनी देना ममता को पड़ा भारी, दर्ज हुआ मामला

Daily news network Posted: 2018-08-01 13:19:01 IST Updated: 2018-08-01 13:20:33 IST
NRC: सिविल वॉर की चेतावनी देना ममता को पड़ा भारी, दर्ज हुआ मामला
  • असम के एनआरसी के दूसरे और फाइनल ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों का नाम नहीं होने पर ममता बनर्जी ने देश में सिविल वॉर (गृह युद्ध) की चेतावनी दी थी, जिसे लेकर डिब्रुगढ़ जिले के नाहरकटिया पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है।

गुवाहाटी।

असम के एनआरसी के दूसरे और फाइनल ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों का नाम नहीं होने पर ममता बनर्जी ने देश में सिविल वॉर (गृह युद्ध) की चेतावनी दी थी, जिसे लेकर डिब्रुगढ़ जिले के नाहरकटिया पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है। ममता पर प्रदेश की साम्प्रदायिक सद्भावना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने फिलहाल केस दर्ज नहीं किया है।

 

यह शिकायत जगदीश सिंह, मृदुल कलिता और अमुल्य चेंगलारी नाम के तीन लोगों ने दर्ज करवाई है, ये तीनों भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य बताए जा रहे हैं। शिकायत के मुताबिक ममता बनर्जी असम में साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने और एनआरसी की शांतिपूर्ण प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।


बता दें कि सिविल वॉर की चेतावनी देते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि बंगाली ही नहीं अल्पसंख्यकों, हिंदुओं और बिहारियों को भी एनआरसी से बाहर रखा गया है। 40 लाख से ज्यादा लोग जिन्होंने कल सत्ताधारी पार्टी के लिए वोट किया था आज उन्हें अपने ही देश में रिफ्यूजी बना दिया गया है। ममता ने कहा, 'वे लोग देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। यह जारी रहा तो देश में खून की नदियां बहेंगी, देश में सिविल वॉर शुरू हो जाएगा।'


ममता बनर्जी ने कहा था कि जिन 40 लाख लोगों के नाम एनआरसी से बाहर किए गए हैं वे नेहरू-लियाकत पैक्ट, इंदिरा पैक्ट के मुताबिक वे भारतीय नागरिक हैं। बिहार, तमिलनाडु और राजस्थान के कई लोगों के नाम वहां नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर बंगाली कहें कि वे बंगाल में नहीं रह सकते, अगर दक्षिण भारतीय कहें कि वे उत्तर भारतीयों को नहीं रहने दे सकते इस देश के हालात कैसे होंगे? अगर हम साथ रह रहे हैं तो यह देश हमारे लिए परिवार की तरह है।

एनआरसी पर बांग्लादेश ने झाड़ा पल्ला

 एनआरसी पर हो रही सियासत के बीच बांग्लादेश सरकार ने एनआरसी से बाहर किए गए लोगों को बांग्लादेशी मानने से इनकार कर दिया है। बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि जिनके नाम एनआरसी से गायब हैं वे भारत के अवैध घुसपैठिए हो सकते हैं लेकिन बांग्लादेश के नागरिक नहीं हैं। इस बयान में एनआरसी मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बताया गया है।


गौरतलब है कि असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का दूसरा और आखिरी ड्राफ्ट जारी हो चुका है। इसमें 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.90 करोड़ आवेदक वैध पाए गए हैं। 40 लाख आवेदकों का नाम ड्राफ्ट से गायब है। बता दें कि असम में एनआरसी का पहला ड्राफ्ट पिछले साल दिसंबर के आखिर में जारी हुआ था। पहले ड्राफ्ट में 3.29 करोड़ आवेदकों में से 1.9 करोड़ लोगों के नाम शामिल किए गए थे।