5000 से भी कम में पार्टनर के साथ इन जगहों पर लें घूमने का मजा, यादगार बन जाएगा सफर

Daily news network Posted: 2019-08-08 13:59:46 IST Updated: 2019-08-08 17:05:56 IST
  • सफर एक बेहद सुखद एहसास होता है। लेकिन कई बार पैसों की तंगी के चलते हमें अपनी ट्रिप कैंसिल करनी पड़ती है। क्या आपकी भी कम बजट के चलते अपना सफर कैंसिल करना पड़ा है। दिल्ली के पास कई ऐसी जगहें हैं जहां आप 5000 रुपये से कम के बजट में भी पूरी ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

सफर एक बेहद सुखद एहसास होता है। लेकिन कई बार पैसों की तंगी के चलते हमें अपनी ट्रिप कैंसिल करनी पड़ती है। क्या आपकी भी कम बजट के चलते अपना सफर कैंसिल करना पड़ा है। दिल्ली के पास कई ऐसी जगहें हैं जहां आप 5000 रुपये से कम के बजट में भी पूरी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। आप इस बजट में भी अपने पार्टनर या दोस्तों के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही जगहों के बारे में ताकि आप दो दिन के वीकेंड में ही इन जगहों पर घूमने का प्लान बना लें।


मैकलोड गंज

 यह जगह दिल्ली से 482.5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां के प्राकृतिक नजारे और पेड़ पौधों से ढंके पहाड़ बरबस ही सैलानियों का मन मोह लेते हैं। यहां अगर आप नद्दी या धर्मकोट में ठहरने का प्लान करते हैं तो मात्र 200 रूपए में भी रहने की व्यवस्था हो जाएगी और 300 रूपए तक में होटल में भी रूम मिल जाएगा।


कन्याकुमारी

 ये भारत का सबसे आखिरी छोर है। दक्षित भारत की ये जगह बेहद ही खूबसूरत हैं। यहां समुद्र, पहाड़ और ठंडी हवाएं सैलानियों को एक मादक एहसास से भर देती हैं कि यहां से जाने को ही जी नहीं चाहता है। यहां विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर डूबता हुआ सूरज देखने देश विदेश से लोग आते हैं। कन्याकुमारी मंदिर और यहां की लोकल मार्केट भी घूमने के लिहाज से काफी अच्छी हैं। यहां आपको 700 से 800 रुपये के बीच में ठीकठाक होटल में कमरा मिल जाएगा।


लैंसडौन

 यह जगह उत्तराखण्ड के गढ़वाल में स्थित है। ये दिल्ली से महज 250 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां जाने के लिए आप कोटद्वार से भी बस ले सकते हैं। वहां से लैंसडौन लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां की हरियाली, शांति और पर्वतमालाएं आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं।


कसौली

 

दिल्ली से कसौली का सफ़र महज 287.2 किलोमीटर का है। यहां जाने के लिए आपको लगभग 1500 रुपए तक खर्च करने होंगे। करीब 800-1000 के बीच ठहरने की व्यवस्था हो जाएगी। यहां शेयर्ड टैक्सी भी आसानी से मिल जाती है। यहां का मौसम और पहाड़ियां जन्नत जैसी लगती हैं।