इन खूबसूरत जगहों पर जाकर अपने ट्रिप को बनाएं यादगार

Daily news network Posted: 2019-03-12 16:04:35 IST Updated: 2019-03-12 18:56:13 IST
  • हमारे देश में एक से बढ़कर एक पर्यटन स्थल हैं जो आपका मन मोह लेंगी। आज हम ऐसी ही कुछ खूबसूरत डेस्टिनेशन्स के बारे में बताएंगे। जहां जाकर आप अपने ट्रिप को एक यादगार ट्रिप बना सकते हैं।

हमारे देश में एक से बढ़कर एक पर्यटन स्थल हैं जो आपका मन मोह लेंगी। आज हम ऐसी ही कुछ खूबसूरत डेस्टिनेशन्स के बारे में बताएंगे। जहां जाकर आप अपने ट्रिप को एक यादगार ट्रिप बना सकते हैं।

 


 श्रीनगर-लेह

 

श्रीनगर से लेह तक जाने वाली 400 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी ये सड़क पहले ड्राइविंग के लिए बहुत खराब हुआ करती थी। मगर अब BRO ने इसपर काफी मेहनत खपाई है अपनी। इतनी कोशिशों से सड़क बन गई है अच्छी-खासी। झन्नाटेदार मज़ा आता है इसपर। इस सड़क की वजह से बॉर्डर के आस-पास के इलाके पहुंच में आ गए हैं। जोजि ला का रास्ता पहले बड़ा खतरनाक होता था, लेकिन अब ये सीन बदल गया है। लेह से शुरू होकर से सड़क सिंधु के साथ-साथ आगे बढ़ती है। पत्थर साहिब गुरुद्वारा और मैग्नेटिक हिल तक की जर्नी में सिंधु-जांस्कर नदियों के संगम पर बसे अलची के प्राचीन गांव तक पहुंचती है। ऊंची कितनी है मालूम? जांस्कर रेंज की चढ़ाई के बाद फोटू ला को पार करिए, तो 14 हज़ार फुट की ऊंचाई पर पहुंच जाएंगे।


 

 गिर नेशनल पार्क, गुजरात

 गिर फेमस है एशियाई शेरों के लिए। इसका इलाका 1,153 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहां शेरों की गिनती है 500 से ज्यादा। और भी वाइल्डलाइफ है यहां। तेंदुआ, सांभर, जंगली सूअर, चौसिंगा हिरन, चार सींग वाले मृग और चिंकारा सब हैं। इसके अंदर कमलेश्वर झील भी है। झील होगा हमारे-आपके लिए, कुछ मगरमच्छों के लिए तो उनका घर है। 200 से ज़्यादा पंछी भी उड़ते मिलेंगे। इस पार्क में अक्टूबर से जून के बीच लायन सफारी भी होती है। फिर जब शेरों के प्यार करने का मौसम आता है, तो पार्क को बंद कर दिया जाता है। ताकि वो पूरा टाइम लेकर बेफिक्री से बच्चे पैदा करें। कोई डिस्टर्ब न करे उनको।

 

 कैसे पहुंचे

 

गिर से नज़दीकी रेलवे स्टेशन जूनागढ़ है, जो करीब डेढ़ घंटे दूरी पर है। इसके अलावा सबसे पास एअरपोर्ट राजकोट का है जहां से पार्क पहुंचने में टैक्सी से 4-5 घंटे लगते हैं।


 

 मैंग्रोव फॉरेस्ट, सुंदरबन, पश्चिम बंगाल

 

कुदरत को सराहना है, तो सुंदरबन पहुंच जाइए। पहेली है ये जगह। भारत और बांग्लादेश के बॉर्डर पर जहां गंगा, ब्रह्मापुत्र और मेघना नदियां बंगाल के डेल्टा में बदल जाती है, वही फैला है सुंदरबन। लगभग 10,000 किलोमीटर में। भारत में इसका 40% हिस्सा आता है। यहां पानी में रहने वाले और ज़मीन पर रहने वाले, दोनों टाइप के जानवर मिलेंगे। इनमें 260 प्रकार के पक्षी और कई लुप्त होने की कगार पर खड़ी प्रजातियां शामिल हैं। सुंदरबन के दिल की धड़कन (बाकी जानवरों से माफी) है रॉयल बंगाल टाइगर। करीब 100 की बिरादरी है इनकी यहां।


 कैसे पहुंचे

 सबसे पास एयरपोर्ट कोलकाता है। रेलवे स्टेशन कैनिंग है, जो कि लगभग 50 किलोमीटर दूर है। सुंदरबन के अंदर नदियों के रास्ते ही ट्रेवल किया जा सकता है। कोलकाता या कैनिंग से कई पास की जगहों पर पहुंचा जा सकता है जैसे नामखाना, सोनाखाली और नजत।