एथलीट हीमा दास ने प्रथम श्रेणी से पास की 12वीं की परीक्षा

Daily news network Posted: 2019-05-25 15:41:18 IST Updated: 2019-05-28 13:02:47 IST
एथलीट हीमा दास ने प्रथम श्रेणी से पास की 12वीं की परीक्षा
  • आईएएएफ वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता एथलीट हीमा दास ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना लोहा मनवाते हुए शनिवार को असम के 12वीं बोर्ड की परीक्षा को प्रथम श्रेणी से पास कर लिया

गुवाहाटी

आईएएएफ वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता एथलीट हीमा दास ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना लोहा मनवाते हुए शनिवार को असम के 12वीं बोर्ड की परीक्षा को प्रथम श्रेणी से पास कर लिया। असम एचएसएलसी की परीक्षा का परिणाम शनिवार को ही घोषित किया गया था। अपने राज्य में धींग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हीमा ने कला वर्ग से 12वीं की परीक्षा पास की और पांच विषयों में कुल 69.8 प्रतिशत अंक हासिल किये। 




असम के नागोन जिले के कंधूलीमारी गांव की रहने वाली हीमा जुलाई 2018 में रातों रात सुर्खियों में आ गयी थीं। उन्होंने आईएएएफ वल्र्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर फाइनल रेस में स्वर्ण पदक जीता था और विश्व स्तर के टूर्नामेंट में एथलेटिक्स का स्वर्ण जीतने वाली वह भारत की पहली महिला बनी थीं। हीमा से पूर्व भारत की किसी भी महिला एथलीट ने विश्व चैंपियनशिप में जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर स्वर्ण पदक नहीं जीता है।




इस दौड़ को पूरा करने में उन्‍हें 51.46 सेकंड लगे थे। हिमा की जीत का जश्न पूरा देश मनाया था। इससे पहले भारत के किसी मह‍िला या पुरुष खिलाड़ी ने जूनियर या सीनियर किसी भी स्तर पर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड नहीं जीता है। और तो और, फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह और पीटी उषा भी कमाल नहीं कर पाए थे। इस लिहाज से अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत की ये ऐतिहासिक जीत थी। हिमा ने सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सेमीफाइनल में 52.10 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान हासिल किया था।




कौन हैं हिमा दास?

हिमा दास असम के नगांव जिले के धिंग गांव की रहने वाली हैं। वह अभी सिर्फ 19 साल की हैं। हिमा एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता चावल की खेती करते हैं। वह परिवार के 6 बच्चों में सबसे छोटी हैं। हिमा पहले लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं और एक स्ट्राइकर के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थीं। उन्‍होंने 2 साल पहले ही रेसिंग ट्रैक पर कदम रखा था। उनके पास पैसों की उनके थी, लेकिन कोच ने उन्हें ट्रेन कर मुकाम हासिल करने में मदद की। आपको बता दें कि पिछले साल अप्रैल में गोल्ड कोस्ट में खेले गए कॉमनवेल्थ खेलों की 400 मीटर की स्पर्धा में हिमा दास (Hima Das) ने छठा स्थान हासिल किया था। 400 मीटर की दौड़ को पूरा करने के लिए उन्हें 51.32 सेकंड लगे थे।