12 साल की उम्र में संजीता ने शुरू की थी वेटलिफ्टिंग, 4 साल पहले मीराबाई को भी हराया

Daily news network Posted: 2018-04-07 11:29:09 IST Updated: 2018-04-08 15:58:27 IST
12 साल की उम्र में संजीता ने शुरू की थी वेटलिफ्टिंग, 4 साल पहले मीराबाई को भी हराया
  • ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन वेटलिफ्टर खुमुकचाम संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग

इंफाल

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन वेटलिफ्टर खुमुकचाम संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ में 48 किग्रा कैटेगरी में यह पदक अपने नाम किया था।


वे दो कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग अलग कैटेगरी का गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली वेटलिफ्टर बन गई हैं। भारत को गोल्ड कोस्ट में अब तक चार पदक मिले हैं। वे सभी वेटलिफ्टिरों ने दिलाए हैं। पहले दिन मीराबाई ने गोल्ड और गुरूराजा में सिल्वर मेडल जीता था।

 


इस बीच टीम के कोच विजय शर्मा ने बताया कि दीपक की कलाई में दर्द था और मुकाबले के दौरान उनका दर्द बढ़ गया, लेकिन टीम को फिजियो साथ ना होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। अगर फिजियो होते तो दीपक बेहतर प्रादर्शन कर सकते थे।

 

 

 स्नैच में किलो के साथ तोड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकार्ड


चानू ने गोल्ड कोस्ट में 48 किलोग्राम में स्नैच, क्लीन व जर्क का खेलों का रिकॉर्ड बनाकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। चानू ने स्नैच में(80 किलोग्राम, 84 किलोग्रा म और 86 किलोग्राम) का भार उठाया। वहीं क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में 103 किलोग्राम का भार उठाया। दूसरे प्रयास में 107 किलोग्राम का भार उठाया और तीसरे प्रयास में 110 किलोग्राम का भार उठाया।

 


 संजीता ने 12 साल की उम्र में शुरू की वेटलिफ्टिंग

 


24 साल की संजीता चानू मणिपुर की रहने वाली हैं, उन्होंने 12 साल की उम्र से ही वेटलिफ्टिंग में रूचि लेना शुरू कर दिया था। इसके साथ ही 20 साल की उम्र में ही संजीता ने मीराबाई चनु को हराया था और साल 2009 में सीनियर राष्ट्रिय प्रतियोगिता में गोल्ड के साथ उनकी सफलता की कहानी शुरू हुई थी।

 

 

संजीता ने तोड़ा स्वाति सिंह का रिकॉर्ड

 


2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की स्वाति ने स्नैच में 83 किग्रा वजन उठाकर रिकॉर्ड बनाया था। इसे शुक्रवार को गोल्ड कोस्ट में संजीता ने 84 किग्रा वजन उठाकर तोड़ दिया। हालांकि, स्वाति सिंह 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में क्लीन एंड जर्क में 100 किग्रा वजन उठा पाई थीं। इस वजह से वे चौथे नंबर पर रही थीं, लेकिन गोल्ड जीतने वाली नाइजीरिया की चिका अमालाहा का डोप टेस्ट पॉजिटिव आ जाने की वजह से उनसे यह पदक छीन लिया गया था।

 

 

 


इसके बाद दूसरे नंबर पर रहीं पापुआ न्यू गिनी की लोआ टौआ को गोल्ड दे दिया गया था। जबकि तीसरे नंबर पर रहीं भारत की संतोषी मात्सा को सिल्वर दिया गया था। वहीं, चौथे नंबर पर रही स्वाति ब्रॉन्ज जीतने में कामयाब रही थीं।