12 साल की उम्र में ही मीराबाई चानू ने दे दिया था अपने हुनर का परिचय

Daily news network Posted: 2018-04-06 19:37:21 IST Updated: 2018-08-08 10:29:27 IST
12 साल की उम्र में ही मीराबाई चानू ने दे दिया था अपने हुनर का परिचय
  • कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू मणिपुर की रहने वाली है। मीराबाई चानू का जन्म इंफाल से 20 किलोमीटर दूर नोंग्पोक काकचिंग गांव में हुआ था।

इंफाल।

कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू मणिपुर की रहने वाली है। मीराबाई चानू का जन्म इंफाल से 20 किलोमीटर दूर नोंग्पोक काकचिंग गांव में हुआ था। गरीब परिवार में जन्मी मीराबाई 6 भाई बहनों में सबसे छोटी हैं। चानू ने 12 साल की उम्र में ही अपने हुनर का परिचय दे दिया था। तब चानू ने अपने बड़े भाई से अधिक वजनी लकडिय़ां उठा ली थी। चानू अपने भाई के साथ घर के पास स्थित पहाड़ी पर लकडिय़ां बीनने जाती थी। दोनों जो लकडिय़ां बीनकर लाते थे, उन्हीं से चूल्हा जलता था।

 

चानू के भाई सैखोम सांतोम्बा मीतेई ने बताया कि एक दिन मैं लकड़ी का गट्ठर उठा नहीं पाया लेकिन चानू ने उसे आसानी से उठा लिया और वह उसे करीब 2 किलोमीटर दूर हमारे घर तक ले लाई। तब वह 12 साल की थी। सातोम्बा चानू से चार साल बड़े हैं। वे सेना में सिपाही हैं और फिलहाल उनकी ड्यूटी श्रीनगर में हैं लेकिन वह अपने पुत्र के अन्नप्रसा (बच्चे को पहली बार जब अन्न खिलाया जाता है) समारोह के लिए घर आए हुए हैं। 



राज्य स्तर के जूनियर फुटबॉलर रहे सांतोम्बा ने बताया कि मैं जब फुटबॉल खेलता था , तब मैंने उसमें(चानू) में कुछ करने का जुनून देखा था। फिर वह भारोत्तोलन से जु ड़ गई। वह कुछ हासिल करने के लिए जुनूनी थीं। वह कभी दबाव में नहीं आती। हमेशा शांत रहती है। 23 वर्षीय चानू जब कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में पदक के लिए उतरी तब घरवाले और गांव के लोग टीवी पर उनका खेल देख रहे थे। जब चानू ने स्वर्ण पदक जीता तो हर कोई खुशी से उछल पड़ा। 


बकौल सांतोम्बा, मेरी मां और पिताजी के आंसू थम नहीं रहे थे। कुछ देर के लिए वे निशब्द थे। इसके बाद गांव के लोग आए और मेरी मां के साथ पारंपरिक लोकनृत्य थाबल चोंग्बा किया। उन्होंने एक दूसरे के चेहरे पर रंग लगाया। रियो ओलंपिक में लचर प्रदर्शन के बाद चानू की काफी आलोचना हुई थी लेकिन अब वह बीती बात है। वल्र्ड चैंपियन चानू भारतीय खेल जगत की रानी बनकर उभरी हैं।


 चानू ने गोल्ड कोस्ट में 48 किलोग्राम में स्नैच, क्लीन व जर्क का खेलों का रिकॉर्ड बनाकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। चानू ने स्नैच में(80 किलोग्राम, 84 किलोग्रा म और 86 किलोग्राम) का भार उठाया। वहीं क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में 103 किलोग्राम का भार उठाया। दूसरे प्रयास में 107 किलोग्राम का भार उठाया और तीसरे प्रयास में 110 किलोग्राम का भार उठाया।