राष्ट्रमंडल खेल: मैरी का रजत, विकास, मनीष, गौरव के कांस्य पक्के

Daily news network Posted: 2018-04-11 22:04:54 IST Updated: 2018-04-11 22:04:54 IST
राष्ट्रमंडल खेल: मैरी का रजत, विकास, मनीष, गौरव के कांस्य पक्के
  • भारतीय मुक्केबाजों का यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार है। खेलों के सातवें दिन बुधवार को भारत को एक रजत सहित तीन कांस्य पदक पक्के हो गए हैं।

गोल्ड कोस्ट।

भारतीय मुक्केबाजों का यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार है। खेलों के सातवें दिन बुधवार को भारत को एक रजत सहित तीन कांस्य पदक पक्के हो गए हैं।

 

 अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से अछूती रहीं मैरी कॉम ने फाइनल में प्रवेश करते हुए अपना रजत पदक पक्का कर लिया है।

 

 वहीं विकास कृष्ण, मनीष कौशिक और गौरव सोलंकी ने सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ ही कांस्य पदक पक्का कर लिया है। हालांकि इस दिन भारत को निराशा भी हाथ लगी। दिग्गज मुक्केबाज सरिता देवी और पिंकी रानी अपने-अपने मुकाबले हार कर पदक की दौड़ से बाहर हो गईं।

 

 पांच बार की विश्व विजेता मैरी कॉम ने महिलाओं के 45-48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। मैरी कॉम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका की अनुशा दिलरुक्सी को 5-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।

 

 ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता मैरी कॉम पहले कभी राष्ट्रमंडल खेलों में पदक नहीं जीत पाई हैं। फाइनल में जगह बनाते हुए हुए उन्होंने अपना रजत पदक पक्का कर लिया है। मैरीकॉम ने अपने से कमजोर विपक्षी पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल की। सेमीफाइनल में मैरी कॉम का सामना नार्थन आयरलैंड की क्रिस्टिन ओ हारा से होगा।

 

 वहीं सरिता देवी को निराशा हाथ लगी। सरिता महिलाओं की 60 किलोग्राम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में हार गईं और इस कारण वह पदक से भी चूक गई हैं। सरिता को क्वार्टर फाइनल में आस्ट्रेलिया की एंजा स्ट्रिड्समैन ने एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात दी।

 

 वहीं पिंकी भी कड़े मुकाबले में जीत से चूक गईं। वह 51 किलोग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड की लिसा व्हाइटसीड से 2-3 से हार गईं। 27 साल की पिंकी ने पहले राउंड में 29-28, दूसरे में 28-29, तीसरे में 28-29, चौथे में 28-29 और पांचवें में 29-28 का स्कोर किया। व्हाइसीड का अगले दौर में आस्ट्रेलिया की टेयलेह रोर्बटसन से मुकाबला होगा।

 

 पुरुष वर्ग में भारत के तीन मुक्केबाज रिंग में थे और तीनों ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। गौरव ने 52 किलोग्राम वर्ग में और विकास ने 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।

 

 बल्लभगढ़ के निवासी गौरव ने क्वार्टर फाइनल में पापुआ न्यू गिनी के चाल्र्स कीमा को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात दी और अंतिम-4 में प्रवेश किया।

 

 पहले राउंड में गौरव ने तीन बार के ओशियाना चैम्पियन कीमा के खिलाफ अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। हालांकि, कीमा हावी होने की कोशिश कर रहे थे।

 

 क्वार्टर फाइनल में गौरव हर तरीके से अपना बचाव कर रहे थे और इस दौरान उन्होंने कीमा के खिलाफ लेफ्ट हुक, जैब और क्रॉस का इस्तेमाल किया और दबाव बनाने की कोशिश की।

 

 तीसरे राउंड में गौरव ने कीमा के पंचों से खुद को बचाते हुए राइट जैब, लेफ्ट हुक मारे और अंत में जीत हासिल की।

 

 सेमीफाइनल में गौरव का सामना श्रीलंका के विंदानलांगे इशान बंडारा से होगा।

 

 बंडारा ने बुधवार को ही खेले गए एक अन्य क्वार्टर फाइनल मैच में लेसोथो के थाबो मोलेफो को 4-1 से हराया।

 

 विकास ने क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के बैनी मुजियो को 5-0 से मात दी। सेमीफाइनल में अब विकास का सामना शुक्रवार को उत्तरी आयरलैंड के स्टीवन डोनेली से होगा।

 

 स्टीवन ने अपने क्वार्टर फाइनल मैच में सामोआ के हैनरी टेल को 5-0 से मात दी थी।

 

 वहीं, मनीष कौशिक ने भी 60 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। मनीष ने क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के कालम फ्रेंच को 5-0 से मात दी। सेमीफाइनल में मनीष का सामना नार्थन आयरलैंड के जेम्स मैक्गिवेरिन से होगा।

 

 मनीष और इंग्लैंड के मुक्केबाज के बीच हालांकि करीबी मुकाबले देखने को मिला, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने हमेशा फ्रेंच पर बढ़त बनाए रखी और उन पर दबाव बनाए रखा।

 

 मुकाबला रोचक होता जा रहा था और तीनों राउंड में कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था। हालांकि रेफरियों ने मनीष को फ्रेंच से बेहतर समझा और उन्हें विजेता घोषित किया।