कॉमनवेल्थ गेम्स : बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं मैरीकॉम

Daily news network Posted: 2018-04-14 09:36:38 IST Updated: 2018-04-14 17:42:49 IST
  • मैरी कॉम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन शनिवार को महिला मुक्केबाजी की 45-48 किलोग्राम भारवर्ग के स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम कर लिया है

गोल्ड कोस्ट।

मैरी कॉम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन शनिवार को महिला मुक्केबाजी की 45-48 किलोग्राम भारवर्ग के स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम कर लिया है। इस दिग्गज मुक्केबाज ने फाइनल में इंग्लैंड की क्रिस्टिना ओ हारा को 5-0 से मात देकर पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में पदक हासिल किया। लंदन ओलिंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली मैरी कॉम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं। आपको बता दें कि मैरीकॉम मणिपुर की रहने वाली हैं।

 


 

पहले राउंड में दिखाया सब्र

मैरी कॉम ने पहले राउंड में सब्र दिखाया और मौकों का इंतजार किया। उन्हें मौके भी मिले, जिसे उन्होंने अपने पंचों से बखूबी भुनाया। मैरी कॉम अपने बाएं जैब का अच्छा इस्तेमाल कर रही थीं। मैरी कॉम धीरे-धीरे आक्रामक हो रही थीं। दूसरे राउंड में मैरी कॉम ने अपना अंदाज जारी रखा। वहीं क्रिस्टिना कोशिश तो कर रहीं थी, लेकिन उनके पंच चूक रहे थे।


 

 

क्रिस्टिना पर दबाव बनाया

वहीं मैरी कॉम मुकबला आगे बढऩे के साथ और आक्रामक हो गईं और अब जैब के साथ अपने लेफ्ट हुक का भी अच्छा इस्तेमाल कर रही थीं। अब वह अपने फुटवर्क का अच्छा इस्तेमाल करते हुए क्रिस्टिना पर दबाव बनाए हुए थीं। तीसरे और अंतिम राउंड में क्रिस्टिना भी आक्रामक हो गई थीं और पांच बार की विश्व चैम्पियन को अच्छी टक्कर दे रही थीं, लेकिन मैरी कॉम ने अपना डिफेंस भी मजबूत रखते हुए जीत हासिल की।


 

 

मुकाबले को एकतरफा बनाया

ओहारा के पास मैरीकॉम के दमदार पंच और फिटनेस का जवाब नहीं था। मैरीकॉम ने मुकाबले को लगभग एकतरफा बना दिया। 5 महीने पहले एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली मैरीकॉम ने जनवरी में इंडिया ओपन जीता था। उन्होंने बुल्गारिया में स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नमेंट में भी रजत पदक जीता था। 


 

 

मैरी कॉम को कहा जाता है सुपर मॉम

रियो ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ करने में जब मैरी असफल रहीं तो किसे उम्मीद थी कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनेंगी, लेकिन अब कहा जा सकता है कि सुपर मॉम मैरी के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। वह कुछ भी करने में सक्षम हैं।