जानिए, ओलंपिक के बाद मीराबाई चानू क्यों बनी विलेन, चली गई थीं डिप्रेशन में

Daily news network Posted: 2019-08-08 15:51:52 IST Updated: 2019-08-08 20:43:59 IST

भारत की विश्व चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू आज अपना जन्मदिन मना रही है। इंफाल से 20 किलोमीटर दूर नोंग्पोक काकचिंग गांव में 8 अगस्त 1994 को हुआ था। बता दें कि मौजूदा विश्व चैंपियन मीराबाई चानू पिछले साल नवंबर में विश्व चैंपियनशिप में 48 किलो भारवर्ग में 194 (85 किग्रा+109 किग्रा) का भार उठा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 196 किग्रा (86 किग्रा+110 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। कई उपलब्धियों को अपने नाम करने वाली मणिपुर की चानू एक बार बहुत बड़ी निराशा हाथ लगी थी। जब वे ओलपिंक जैसे मुकाबले में अपना खेल पूरा ही नहीं कर पाईं थी। यह किसी भी खिलाड़ी के मनोबल को तोड़ने वाली घटना होती है।



डिप्रेशन में चलीं गई मीराबाई


साल 2016 में भारत की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के लिए ऐसा ही हुआ था। ओलंपिक में अपने वर्ग में मीरा सिर्फ दूसरी खिलाड़ी थीं, जिनके नाम के आगे ओलंपिक में लिखा गया था 'डिड नॉट फिनिश'। जो भार मीरा रोजाना प्रैक्टिस में आसानी से उठा लिया करतीं, उस दिन ओलंपिक में जैसे उनके हाथ बर्फ की तरह जम गए थे। उस समय भारत में रात थीं, तो बहुत कम भारतीयों ने वो नजारा देखा। सुबह उठ जब भारत के खेल प्रेमियों ने खबरें पढ़ीं तो मीराबाई रातों रात भारतीय प्रशंसकों की नजर में विलेन गईं। नौबत यहां तक आई कि 2016 के बाद वो डिप्रेशन में चली गईं और उन्हें हर हफ्ते मनोवैज्ञानिक के सेशन लेने पड़े। इस असफलता के बाद एक बार तो मीरा ने खेल को अलविदा कहने का मन बना लिया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जबरदस्त वापसी की। वैसे  4 फुट 11 इंच की मीराबाई चानू को देखकर अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि देखने में नन्ही सी मीरा बड़े बड़ों के छक्के छुड़ा सकती हैं।


 

जब मीराबाई ने नहीं खाया खाना

48 किलोग्राम के अपने वजन से करीब चार गुना ज्यादा वजन यानी 194 किलोग्राम उठाकर मीरा ने पिछले साल वर्ल्ड वेटलिफ़्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। पिछले 22 साल में ऐसा करने वाली मीराबाई पहली भारतीय महिला बन गई थीं। 48 किलो का वजन बनाए रखने के लिए मीरा ने उस दिन खाना भी नहीं खाया था। 8 अगस्त 1994 को जन्मी और मणिपुर के एक छोटे से गांव में पली बढ़ी मीराबाई बचपन से ही काफी हुनरमंद थीं। बिना खास सुविधाओं वाला उनका गांव इंफाल से कोई 200 किलोमीटर दूर था।

 

 


पीठ दर्द से भी रही हैं परेशान


बता दें कि मौजूदा विश्व चैंपियन मीराबाई इस साल मई से पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से जूझ रही हैं। जब दर्द से आराम मिला, तो उन्होंने मुंबई में अभ्यास शुरू किया, लेकिन फिर से दर्द शुरू हो गया। इसलिए वे एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाएंगी। पीठ दर्द से परेशान मीराबाई ने इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन को पत्र लिखकर आराम देने का आग्रह किया था। वह ओलंपिक क्वालिफायर के लिए खुद को तैयार करना चाहती थी।