जानिए कौन हैं भारत के महान फुटबॉलर बाइचुंग भुटिया, जिनके ऊपर बनेगी फिल्म

Daily news network Posted: 2019-05-18 16:35:31 IST Updated: 2019-05-18 16:35:31 IST
जानिए कौन हैं भारत के महान फुटबॉलर बाइचुंग भुटिया, जिनके ऊपर बनेगी फिल्म
  • भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भुटिया का जीवन जल्द ही बड़े पर्दे पर नजर आने जा रहा है। संजय दत्त और विवेक ओबेराय व अरशद वारसी स्टार फिल्म 'जिला गाजियाबाद' बनाने वाले निर्देशक आनंद कुमार बाइचुंग की बायोपिक बनाने की तैयारी में हैं।

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भुटिया का जीवन जल्द ही बड़े पर्दे पर नजर आने जा रहा है। संजय दत्त और विवेक ओबेराय व अरशद वारसी स्टार फिल्म 'जिला गाजियाबाद' बनाने वाले निर्देशक आनंद कुमार बाइचुंग की बायोपिक बनाने की तैयारी में हैं। खबर है कि फिल्म में बाइचुंग का किरदार टाइगर श्रॉफ निभा सकते हैं। इस किरदार के लिए निर्देशक आनंद कुमार की पहली व इकलौती पसंद टाइगर श्रॉफ ही हैं। इसे लेकर टाइगर श्रॉफ से संपर्क भी साधा गया है। लेकिन फिलहाल टाइगर ने ऐसी किसी भी खबर से किनारा कर लिए है। अगर टाइगर श्रॉफ इस फिल्म को साइन कर लेते हैं तो बतौर अभिनेता यह उनकी पहली बायोपिक होगी। अपने जीवन पर बनने जा रही फिल्म को लेकर बाइचुंग भुटिया भी बहुत उत्साहित हैं।


 उनका कहना है कि यह उनके लिए बड़े गौरव की बात है कि उनकी जीवन यात्र को बड़े पर्दे पर उतारे जाने योग्य समझा गया। वह निश्चित हैं कि आनंद कुमार उनकी कहानी के साथ पूरा-पूरा इंसाफ करेंगे। दक्षिण सिक्किम के छोटे से शहर नाम्ची के निकट छोटे से पहाड़ी गांव टिंकिताम से आने वाले बाइचुंग का जीवन सचमुच संघर्षो भरा व प्रेरणादायक है। उनका कहना है कि भारत के लिए फुटबॉल खेलना ही उनका एकमात्र सपना नहीं था। वह हमेशा से एक बेहतर फुटबॉल क्लब भी बनाना चाहते थे। अब यूनाइटेड सिक्किम फुटबॉल क्लब के नाम से उनका वह सपना साकार हो चुका है।


 सिक्किम सरकार ने उनके गृह जिला दक्षिण सिक्किम के नाम्ची में उनके नाम बाइचुंग स्टेडियम भी बना रखा है। वर्ष 1998 के अजरुन पुरस्कार विजेता बाइचुंग को वर्ष 2008 में भारत सरकार ने पद्मश्री से भी नवाजा। 2014 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें बंग-भूषण सम्मान से सम्मानित किया। खेल के बाद राजनीति में आए बाइचुंग भुटिया इस लोकसभा चुनाव-2019 में भी बतौर उम्मीदवार सिक्किम की एकमात्र लोकसभा सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।


 उन्होंने अपनी पार्टी हाम्रो सिक्किम पार्टी बनाई है। उसी के उम्मीदवार के रूप में वह चुनावी मैदान में हैं जिसका नतीजा 23 मई को आना है। इससे पूर्व वह 2014 में दार्जीलिंग लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़े थे पर नाकाम रहे। उसके बाद 2016 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर ही वह सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़े। पर, उसमें भी उन्हें नाकामी ही मिली। 2018 में बाइचुंग ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया और अपनी अलग पार्टी हाम्रो सिक्किम पार्टी बना कर सिक्किम की राजनीति में सरगर्म हो गए।


 बाइचुंग अपने मुखर रवैये के लिए भी जाने जाते हैं। तिब्बत की आजादी के समर्थन में उन्होंने वर्ष 2008 में ओलंपिक टॉर्च उठाने से इंकार कर दिया था। उसके लिए जहां उनकी प्रशंसा हुई थी वहीं उन्हें तीखी आलोचना भी ङोलनी पड़ी। देश-विदेश के कई क्लबों के लिए फुटबॉल खेलने वाले बाइचुंग को भारतीय फुटबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने व लोकप्रिय बनाने के लिए भी जाना जाता है। भारतीय फुटबॉल के दिग्गज आई. एम. विजयन ने बाइचुंग भुटिया को ‘भारतीय फुटबॉल के लिए भगवान का तोहफा कहा था।