राष्ट्रमंडल खेल: सविता, रानी की बदौलत हॉकी के सेमीफाइनल में भारतीय महिलाएं

Daily news network Posted: 2018-04-10 19:56:02 IST Updated: 2018-04-10 19:56:02 IST
राष्ट्रमंडल खेल: सविता, रानी की बदौलत हॉकी के  सेमीफाइनल में भारतीय महिलाएं
  • सविता की शानदार गोलकीपिंग के दम पर और कप्तान रानी के गोल से भारतीय महिला हॉकी टीम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में मंगलवार को छठे दिन अपने अंतिम ग्रुप मैच में दक्षिण अफ्रीका को हराने के साथ ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।

गोल्ड कोस्ट।

सविता की शानदार गोलकीपिंग के दम पर और कप्तान रानी के गोल से भारतीय महिला हॉकी टीम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में मंगलवार को छठे दिन अपने अंतिम ग्रुप मैच में दक्षिण अफ्रीका को हराने के साथ ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।


 गोल्ड कोस्ट हॉकी सेंटर में खेले गए इस रोमांचक मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से मात दी।


 पहले क्वार्टर से ही दोनों टीमों के बीच गोल के लिए कड़ा संघर्ष देखा गया। पहले ही मिनट मेें दक्षिण अफ्रीका ने गोल कर बढ़त हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन गोलकीपर सविता ने इसे सफल नहीं होने दिया।

 इसके बाद, आठवें मिनट में दीपिका ने कॉर्नर से गेंद तो अपनी साथी खिलाड़ी को पास किया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की गोलकीपर मेबांडे ने असफल करते हुए भारतीय टीम को बढ़त नहीं लेनी दी।


 भारत को 12वें मिनट में पेनाल्टी पर गोल करने का मौका मिला था, लेकिन वह इसे भुना नहीं पाई। इसके अगले ही मिनट में दक्षिण अफ्रीका ने पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन सविता ने अपने पैर से गेंद को रोकते हुए प्रतिद्वंद्वी टीम को बढ़त लेने से रोक दिया।


 दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमें संघर्ष करती नजर आईं। तीसरे क्वार्टर में 32वें मिनट में ही दक्षिण अफ्रीका ने दो पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन सविता ने शानदार तरीके से बचाते हुए गोल नहीं होने दिया।


 तीसरे क्वार्टर में 36वें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करने का मौका मिला था, लेकिन गुरजीत कौर की हॉकी स्टिक से लगा शॉट दक्षिण अफ्रीका के गोल पोस्ट के अंदर जाने के बजाए छू कर वापस चला गया।

 इसके बाद कुछ समय बाद नवनीत को पास मिला था, लेकिन वह इसे गोल पोस्ट तक नहीं पहुंचा पाईं। इस प्रकार से तीसरा क्वार्टर भी बिना गोल के समाप्त हुआ।

 


 अपनी गोल की कोशिश में लगी भारतीय टीम को कप्तान रानी ने एक बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने 48 मिनट में वंदना कटारिया से मिले पास को सीधे दक्षिण अफ्रीका के गोल पोस्ट पर पहुंचाकर भारतीय टीम का खाता खोला।

 


 इसके बाद, अपने डिफेंस के दम पर भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को गोल करने का मौका नहीं दिया और अंत में 1-0 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।