शूटिंग वर्ल्डकप में गोल्ड जीतने पर हिमंत ने दी मनु भाकर को बधाई

Daily news network Posted: 2018-03-06 19:24:01 IST Updated: 2018-03-06 19:24:01 IST
शूटिंग वर्ल्डकप में गोल्ड जीतने पर हिमंत ने दी मनु भाकर को बधाई
  • असम के वित्त मंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने गुवादालाजारा (मैक्सिको) में चल रहे इंटरनेशनल शूटिंग स्पॉर्ट्स फेडरेशन (ISSF) विश्वकप में दो गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाली मनु भाकर को जीत की बधाई दी है।

असम के वित्त मंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने गुवादालाजारा (मैक्सिको) में चल रहे इंटरनेशनल शूटिंग स्पॉर्ट्स फेडरेशन (ISSF) विश्वकप में दो गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाली मनु भाकर को जीत की बधाई दी है।

 


 हरियाणा की 16 वर्षीय किशोरी भाकर ने पहले इस विश्व कर में 10 मीटर एयर पिस्टल (महिला) में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। वो साल साल की उम्र में शूटिंग विश्व कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली शूटर बन गई हैं।

 


 इसके बाद मनु भाकर ने सोमवार रात हुए मिक्सड इवेंट्स में ओम प्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल (मिक्स इवेंट) में सोने का तमगा हासिल किया।

 


 भाकर की उम्र महज 16 साल, पढ़ाई 11वीं मेडिकल स्ट्रीम से और निशाना अचूक मेधा की धनी इस बेटी ने निशानेबाजी के शौक को जुनून बनाया तो पिता ने उससे एक कदम बढ़कर घर पर ही शूटिंग रेंज बना दी। बेटी को निशानेबाज जसपाल राणा से प्रशिक्षण दिलाया तो बेटी ने एक के बाद एक स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी।

 


 जसपाल राणा से गुर सीखने वाली मनु अपने स्कूल में बनाई हुई रेंज में भी कोच नरेश एवं सुरेश से प्रशिक्षण लेती हैं।


 धुन की पक्की झज्जर जिले के गोरिया गांव की बेटी मनु भाकर ने जीत के इसी क्रम को बरकरार रखते हुए अब मेक्सिको में विश्व कप के दौरान दो गोल्ड मेडल जीतकर साबित कर दिया है कि न सिर्फ उसके लक्ष्य बड़े हैं, बल्कि वह उसे हासिल करने की दिशा में भी सधे कदम से बढ़ रही है।

 


 बेटी की इस सफलता से परिवार वाले गदगद हैं और बेटी भी खुश है मगर उसकी मंजिल तो कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में सोना हासिल करना है।


 एक मेंटर के रूप में अपना 90 फीसद समय बेटी पर लगाने वाले पिता राम किशन भाकर के मुताबिक मनु वहीं करती है, जो उसे पसंद है। बात चाहे खान-पान की हो या खेल के चयन की। हम लोग भी उस पर अपना विचार नहीं थोपते और उसे अपने फैसले की दिशा में बढ़ने के लिए सपोर्ट करते हैं ताकि वह अपना सर्वश्रेष्ठ दे सके। करीब दो साल से निशानेबाजी सीख रही मनु ने बहुत कम समय में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।