फाइनल में पहुंची मैरीकॉम, गोल्ड मेडल से सिर्फ एक कदम दूर

Daily news network Posted: 2018-04-11 15:49:28 IST Updated: 2018-04-11 15:50:05 IST
फाइनल में पहुंची मैरीकॉम, गोल्ड मेडल से सिर्फ एक कदम दूर
  • पांच बार की वर्ल्ड चैम्पियन रही भारत की मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम बुधवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में 45-48 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में पहुंच गईं।

इंफाल

पांच बार की वर्ल्ड चैम्पियन रही भारत की मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम बुधवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में 45-48 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में पहुंच गईं। गोल्ड मेडल से अब वह महज एक कदम दूर हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में श्रीलंका की अनुषा दिलरुकशी कोद्दीतुवाकू को 5-0 से हराया। इसके अलावा बॉक्सर गौरव सोलंकी और विकास कृष्णन ने भी अपनी-अपनी कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर मेडल पक्का किया।

 

 



मेन्स कैटेगरी में भारत के अब तक सात बॉक्सर सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। वहीं, बैडमिंटन के सिंगल्स मुकाबलों में साइना नेहवाल और किदांबी श्रीकांत ने जीत के साथ शुरुआत की। इससे पहले बुधवार सुबह भारत को शूटिंग में श्रेयसी सिंह ने गोल्ड, ओम मिठरवाल और अंकुर मित्तल ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया।

 


 मैरीकॉम का पहला कॉमनवेल्थ

 -ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली मैरीकॉम का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है।

 - अब फाइनल में 14 अप्रैल को उनका मुकाबला नॉर्दन आयरलैंड की क्रिस्टीन ओहारे से होगा।

 - जीत के बाद मैरीकॉम ने कहा, "अनुषा के खिलाफ बाउट आसान नहीं थी। वह मेरे पास नहीं आ रही थी, बल्कि इस इंतजार में थी कि मैं गलती करूं। वह बहुत डिफेंसिव खेल रही थी।'

 


 जीत की दावेदार मैरीकॉम

 

 उन्होंने हाल ही में एशियाई चैम्पियनशिप और इंडियन ओपन में स्वर्ण जीतने के अलावा बुल्गारिया में खेले गये स्ट्रान्डजा स्मारक मुक्केबाजी टूर्नामेंट में रजत पदक जीता था।

 


 जीत के बाद मैरी कॉम ने कहा कि राष्ट्रीयमंडल खेलों में यह मेरा पहला पदक होगा और इसे हासिल करके मैं बेहद खुश हूं, लेकिन मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जितने का है। उन्होंने कहा कि मैं 16 साल से ही मुक्केबाजी कर रही हूं, मुझे पहले ही पता था कि मेगन अच्छा प्रदर्शन करेंगी। मैंने उसे प्रयास करते रहने की सलाह दी।

 

 


उन्होंने कहा कि युवा खिलाडियों को अनुभव और तैयारी की जरूरत होती है। उधर, विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदकधारी विकास कृष्णन ने ऑस्टेलिया के कैंपबेल समरविल्ला को 5-0 से मात दी। मुकाबले में विकास का दबदबा था, लेकिन आखिरी तीन मिनट में स्थानीय खिलाड़ी समारविल्ला ने हमला तेज कर उनकी सहनशक्ति की परीक्षा ली।