बाइचूंग भूटिया को मिले सिर्फ 70 वोट, दोनों सीटों पर जमानत जब्त

Daily news network Posted: 2019-05-27 19:17:51 IST Updated: 2019-05-28 20:26:49 IST
  • भारतीय फुटबॉल टीम के बेहतरीन खिलाड़ी और पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया को महज 70 वोट मिले हैं। लोकसभा चुनाव में भूटिया के पक्ष में ये नतीजे बेहद चौंकाने वाले हैं। फुटबॉलर से पॉलीटीशियन बने बाइचूंग भूटिया ने नतीजों के बाद कहा कि पॉलिटिक्स और फुटबॉल दोनों ही बेहद मुश्किल चीजें हैं। दोनों में से किसी में

नई दिल्ली/गंगटोक।

भारतीय फुटबॉल टीम के बेहतरीन खिलाड़ी और पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया को महज 70 वोट मिले हैं। लोकसभा चुनाव में भूटिया के पक्ष में ये नतीजे बेहद चौंकाने वाले हैं। फुटबॉलर से पॉलीटीशियन बने बाइचूंग भूटिया ने नतीजों के बाद कहा कि पॉलिटिक्स और फुटबॉल दोनों ही बेहद मुश्किल चीजें हैं। दोनों में से किसी में भी आप आसानी से पा नहीं सकते हैं। 


 

अप्रैल 2018 में भूटिया ने घोषणा किया था कि वे अपनी खुद की पार्टी का गठन कर रहे हैं जिसका नाम 'हमरो सिक्किम पार्टी' होगी। घोषणा के बाद भूटिया ने ये नहीं बताया था कि वे राजनीति के मैदान में किसे टक्कर देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम में आगामी विधानसभा चुनाव में ब्लैक मनी और क्लीन मनी के बीच लड़ाई होगी।


 

गुरुवार को सिक्किम में लोकसभा चुनाव नतीजों में ऐतिहासिक घटना घटी, हालांकि भूटिया और उनकी पार्टी को इसमें करारी हार मिली। 5 बार से राज्य मुख्यमंत्री रहे पवन चामलिंग को विपक्षी पार्टी सिक्किम क्रांतिक्रारी मोर्चा ने करारी हार दी। भूटिया जो दो संसदीय क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे थे, उनकी गंगटोक और तुमेन लिंगी दोनों जगहों पर जमानत जब्त हो गई। 

 


फुटबॉल स्टार भूटिया ने गंगटोक में मात्र 70 वोट पाए, वहीं दूसरे सीट टुमेन लिंगी से भूटिया को 234 वोट मिले हैं। इस चुनाव में उनकी पार्टी ने कोई प्रभाव नहीं छोड़ा। 32 संसदीय सीटों वाले राज्य के एसकेएम पार्टी ने 17 सीटों पर जीत हासिल की, वहीं सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 15 सीटों पर जीत हासिल की। 


 

भूटिया ने 2014 में टीएमसी के टिकट पर लोकसभा और 2016 में विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन दोनों बार ही उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने टीएमसी पार्टी छोड़ दी और कहा था कि उन्होंने हमेशा इस पार्टी में एक आउटसाइडर की तरह महसूस किया। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाने का फैसला किया था।