इसी महीने खुलवाएं इस खाते को, 40 लाख रुपए मिलने की है गारंटी

Daily news network Posted: 2018-04-14 11:54:07 IST Updated: 2018-04-17 16:28:52 IST
इसी महीने खुलवाएं इस खाते को, 40 लाख रुपए मिलने की है गारंटी
  • अगर आप चाहते हैं कि 15 साल में आपका फंड 40 लाख रुपए तक पहुंच जाए और इसमें किसी तरह के जोखिम का सामना भी ना करना पड़े तो आपको पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) स्कीम में अपना खाता खुलवाना होगा।

नई दिल्ली।

अगर आप चाहते हैं कि 15 साल में आपका फंड 40 लाख रुपए तक पहुंच जाए और इसमें किसी तरह के जोखिम का सामना भी ना करना पड़े तो आपको पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) स्कीम में अपना खाता खुलवाना होगा। हालांकि अगर आप अप्रैल महीने के भीतर पीपीएफ खाता खुलवाते हैं तो आपको टैक्स से बचने में मदद मिलेगी। पीपीएफ खाते में अधिकतम जमा राशि निर्धारित होती है। इस खाते में आप एक साल में अधिकतम डेढ़ लाख रुपए जमा कर सकते हैं। खास बात यह है कि आप जो भी राशि पीपीएफ खाते में जमा करवाते हैं, उस पर टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा पीपीएफ  पर आपको जो इंटरेस्ट मिलेगा और आपका अकाउंट मैच्योर होने पर जो फंड बनेगा उस पर भी आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।


 

 

उदाहरण के तौर पर अगर आप पीपीएफ में हर साल 12 हजार रुपए जमा करते हैं तो 15 साल के बाद आपके खाते में करीब 40 लाख रुपए हो जाएंगे। इस समय पीपीएफ पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार पीपीएफ पर इंटरेस्ट रेट की हर तीन माह पर समीक्षा करती है।  पीपीएफ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें जमा की गई रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है। इतना ही नहीं उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों ही टैक्स फ्री होती है। ऐसे में अगर आप इनकम टैक्स बचाने के लिए सेक्शन 80 सी के तहत पीपीएफ  में निवेश करते हैं तो इस पर जमा रकम को अपने दस्तावेजों में शो करके टैक्स की छूट का लाभ भी ले सकते हैं।  


 

 

बता दें कि एक व्यक्ति एक ही पीपीएफ खाता खोल सकता है। हालांकि आप अपने नाबालिग बच्चे के नाम अकाउंट खोल सकते हैं, लेकिन ज्वाइंट अकाउंट नहीं खोला जाएगा। इस अकाउंट को चालू रखने के लिए आपको न्यूनतम 500 रुपए सालाना और अधिकतम 150000 रुपए सालाना जमा करा सकते हैं। वहीं, अगर बच्चे या नाबालिग का अकाउंट है तो सालाना न्यूनतम 100 रुपए जमा कराना जरूरी है। वहीं, आपने इस खाते में चालू वित्तीय वर्ष में न्यूनतम कंट्रीब्यूशन नहीं किया है तो आपको प्रति साल के हिसाब से 50 रुपये जुर्माना देना होगा।