12 सालों में मौत के घाट उतार दी गई असम की 1773 महिलाएं

Daily news network Posted: 2018-04-03 14:35:30 IST Updated: 2018-06-23 14:55:43 IST
12 सालों में मौत के घाट उतार दी गई असम की 1773 महिलाएं
  • असम राज्य में बीते 12 सालों में बलात्कार, दहेज़ तथा डायन के संदेह में कुल 1773 महिलाओं को मौत के घाट उतारा गया

गुवाहाटी

असम राज्य में बीते 12 सालों में बलात्कार, दहेज़ तथा डायन के संदेह में कुल 1773 महिलाओं को मौत के घाट उतारा गया, जबकि पिछले तीन सालों में 2016 से 2018 तक दहेज उत्पीड़न के चलते 353 महिलाओं की ह्त्या हुई है।


 सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही पिछले तीन साल के शासन में राज्य में दहेज उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि हुई है। साल 2016 में दहेज उत्पीड़न की शिकार होकर मारी गई महिलाओं की संख्या 157 थी, तो वहीं साल 2017 में यह आंकड़ा 167 तक पहुंच गया अगर नजर डाले साल 2018 पर तो 23 मार्च तक 29 महिलाओं की मौत राज्य में हुई है।

 

 


सरकार ने सोमवार को सदन में यह आंकड़ा पेश किया। बीपीएफ विधायक कमली बसुमतारी के एक सवाल के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने इस बात की जानकारी दी। आपने लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि साल 2006 में 2018 के 23 मार्च तक असम में बलात्कार, दहेज़ उत्पीड़न और डायन के संदेह में 1,773 महिला व लड़कियों की हत्या की घटनाएं हुई हैं।

 



राज्य में 20 लाख से अधिक वृद्ध


साल 2011 की जनगणना के अनुसार इस समय राज्य में 60 साल पार कर चुके 20,78,544 वृद्ध हैं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत वृद्ध पेंशन योजना के तहत इन वृद्धों को पेंशन की व्यवस्था की गई है। सोमवार को प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक देवब्रत साइकिया के सवालों का जवाब देते हुए समाज एवं कल्याण मंत्री नवकुमार दलै ने इस बात की जानकारी दी। 

 

 


 दलै ने एलआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम के एक अन्य सवाल के जवाब में सदन को बताया कि सरकार के पास यह तथ्य नहीं है कि किन किन पंचायतों में कितनी विधवा और वृद्ध हैं।