शहीद जवान को पत्नी ने सैल्युट कर नम आंखों से दी अंतिम विदाई, महज दो महीने पहले हुई थी शादी

Daily news network Posted: 2019-06-15 16:33:01 IST Updated: 2019-06-16 20:28:44 IST
  • उस वक्त सभी की आंखे नम हो गई जब शहीद सीआरपीएफ जवान सुनील कलिता की पत्नी ने सैल्युट कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी। कलिता को राजकीय सम्मान के साथ शनिवार सुबह (15 जून) असम के कामरूप जिले के रांगिया में अंतिम विदाई दी गई। कलिता की शादी इस साल 10 अप्रैल को हुई थी।

उस वक्त सभी की आंखे नम हो गई जब शहीद सीआरपीएफ जवान सुनील कलिता की पत्नी ने सैल्युट कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी। कलिता को राजकीय सम्मान के साथ शनिवार सुबह (15 जून) असम के कामरूप जिले के रांगिया में अंतिम विदाई दी गई। कलिता की शादी इस साल 10 अप्रैल को हुई थी।


 असम के कामरूप जिले के रहने वाले कलिता केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान थे। उन्होंने 13 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में दम तोड़ दिया। वे 28 मई को झारखंड राज्य के सेराकेला-खरसावन जिले में माओवादी हमले में घायल हो गए थे। कलिता सीआरपीएफ के 209 कोबरा रेजिमेंट में कांस्टेबल थे।


घायल होने के बाद उन्हें सबसे पहले रांची के भगवान महावीर मेडिका सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसके बाद उन्हें 4 जून को दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली में उनका इलाज एम्स में चल रहा था। लेकिन 13 जून को एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर 14 जून को उनके गांव लाया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने सुनील कलिता अमर रहे... जय हिंद के नारों के साथ अंतिम विदाई दी।


 सुनील कलिता का जन्म 1 फरवरी 1987 को हुआ था। उन्होंने 2011 में सीआरपीएफ ज्वाइंन किया था। उनके कंधों पर माता-पिता, पत्नी और छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी थी।



बता दें कि माओवादी हमले में सीआरपीएफ और झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) के कुल 26 जवान घायल हो गए थे, जहां कुल 15 आईईडी विस्फोट हुए। विस्फोट तब हुआ जब राइडिंग और रार सिंदरी गांवों के बीच एक पहाड़ी इलाके में सुरक्षाकर्मी गश्त कर रहे थे। माओवादियों के विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच 29 मई को लगभग एक घंटे तक गोलीबारी जारी रही और जब यह समाप्त हुआ, तो घायल सुरक्षाकर्मियों को हेलीकॉप्टर में रांची के लिए रवाना किया गया।


 गौर हो कि एक और CRPF जवान नलबाड़ी जिले के निरोद सरमा 12 जून को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवादी हमले में मारे गए थे। सरमा के नश्वर अवशेषों को 13 जून को गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एलजीबीआई) पर उतारा गया था और बाद में इसे नलबाड़ी के दोहुनिया में उनके पैतृक गांव ले जाया गया जहां उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।