पृथक बोडोलैंड की मांग को लेकर भाजपा सरकार को मिली राज्यभर में आदोलन की धमकी

Daily news network Posted: 2018-04-11 12:47:00 IST Updated: 2018-06-26 14:44:01 IST
पृथक बोडोलैंड की मांग को लेकर भाजपा सरकार को मिली राज्यभर में आदोलन की धमकी
  • अलग राज्य बोडोलैंड की मांग तथा प्रस्तावित बोडोलैंड राज्य के बाहर रहने वाले बोडो समुदाय के लोगों को राजनीतिक अधिकार सुनिश्चित करने और कार्बी आंग्लोंग में रहने वाले बोड़ो समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने की मांग को लेकर अखिल बोड़ो छात्र संघ

कोकराझाड़

अलग राज्य बोडोलैंड  की मांग तथा प्रस्तावित बोडोलैंड राज्य के बाहर रहने वाले बोडो समुदाय के लोगों को राजनीतिक अधिकार सुनिश्चित करने और कार्बी आंग्लोंग  में रहने वाले बोड़ो समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने की मांग को लेकर अखिल बोड़ो छात्र संघ (आब्सू) ने फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी है । 






आब्सू ने आज केंद्र तथा राज्य सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर 26 अप्रैल से  पहले राजनीतिक स्तर पर द्विपक्षीय बैठक आयोजित नहीं की गई तो जोरदार आंदोलन शुरू कर देंगे ।

 





कोकराझाड़ के बगानशाली स्थित आब्सू के केंद्रीय कार्यालय बोडोफा भवन में आब्सू एनडीएफबी (पी) और पीजेएसीबीएम द्वारा संयुक्त रूप आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आब्सू अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो  ने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार बोड़ो समस्या को लेकर कतई गंभीर नहीं है। 






केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू द्वारा अल्फा की समस्या का समाधान करने की घोषणा का स्वागत करते  हुए आरोप लगाया कि बोड़ो समस्या को लेकर केंद्र गंभीर नहीं है । एनडीएफबी (पी ) के साथ त्रिपक्षीय वार्ता अभी भी अधर में लटकी हुईं है। बोड़ो  समस्या के समाधान कें लिए एनडीएफबी के दोनों धडों के साथ त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन जब तक नहीं किया जाएगा, समस्या का समाधान संभव नहीं है, लेकिन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू द्वारा दिए गए बयान कि एनडीएफबी में आपसी मतभेद है, की प्रमोद बोड़ो ने निंदा करते हुए कहा कि जनजातीय समस्याओं  से जड़ित अंचल का प्रतिनिधित्व कर गृह विभाग में मंत्री पद पर आसीन किरण रिजिजू ने अगर  जनजातीय समस्या का समाधान नहीं किया तो इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा  । 






उन्होंने कहा कि अलग राज्य के लिए राज्य कैबिनेट की कोई आवश्यकता नहीं है । क्योंकि कोई राज्य सरकार अपने राज्य के बंटवारे का पक्षधर नहीं होती। अलग राज्य गठन करना हमारा एक संवैधानिक अधिकार है। केंद्र  सरकार समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार अलग राज्य का गठन करती आई है ।

 






इस अवसर पर आंदोलन की घोषणा  करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी 26 अप्रैल से पहले अलग राज्य गठन के मुद्दे को लेकर राजनीतिक स्तर पर त्रिपक्षीय बैठक शुरू नहीं की गई तो 26 अप्रैल को आब्सू और संग्रामी सहयोगी संगठन द्वारा प्रताड़ना दिवस के रूप में पालन किया जाएगा । 2 मई से  पांच दिन तक राष्ट्रीय राजपथ अवरोध, उसके तत्काल बाद में 36 घंटे का चक्का जाम किया जाएगा ।