असम से भटक झारखंड आए बच्चे को पिता को सौंपा

Daily news network Posted: 2018-05-17 10:58:18 IST Updated: 2018-05-17 11:23:21 IST
असम से भटक झारखंड आए बच्चे को पिता को सौंपा
  • अभी कुछ दिनों पहले ही असम का एक 14 साल का नाबालिग भटक कर झारखंड के जिला दुमका पहुंच गया था। जिसे जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने सीडब्ल्यूसी कार्यालय को सौंपा दिया था।

गुवाहाटी।

अभी कुछ दिनों पहले ही असम का एक 14 साल का नाबालिग भटक कर झारखंड के जिला दुमका पहुंच गया था। जिसे जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने सीडब्ल्यूसी कार्यालय को सौंपा दिया था। बच्चे का नाम अशरफुल हक  था। पूछताछ के बाद पता चला था कि नाबालिग पश्चिम बंगाल आैर असम के सीमावर्ती जिले बोंगाईगांव के बिजनी थाना क्षेत्र के सिलघाघरी गांव में रहने वाले नजुल हक का बेटा है। अब बाल कल्याण समिति बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट के पास गुमशुदा बालक के पिता नजरुल इस्लाम ने आकर अशरफुल के पिता होने का दावा किया।

 



 


चेयरपर्सन अमरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि असम राज्य के अशरफुल हक को जरमुंडी प्रखंड के सहारा पंचायत के कुशमाहा गांव के पारा लीगल वोलेंटियर मुकेश कुमार को जोगियामोड़ के पास भटकते हुए मिला था। मुकेश ने बालक को स्थानीय होटल में खाना खिला कर रात में वहीं पर अपने साथ रख कर दूसरे दिन डीएलएसए सचिव निशांत कुमार के समक्ष पेश किया। उसके बाद सचिव डीएलएसए ने मामले को सीडब्लूसी को स्थानांतरित कर दिया था। तब से बालक सीडब्लूसी के संरक्षण में ऑफ्टर केअर होम धधकिया दुमका में रह रहा था। 




एसपी दुमका किशोर कौशल ने बालक के पिता को असम पुलिस के माध्यम से खबर कर अशरफुल के दुमका में होने की जानकारी दिया था। सीडब्लूसी ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए बालक को उसके पिता को हवाले कर दिया। सुनवाई में सीडब्लूसी चेयरपर्सन अमरेन्द्र कुमार, सदस्य धर्मेन्द्र नारायण, शकुंतला दुबे, रमेश प्रसाद साह, रंजन सिन्हा मौजूद थे।