इस राज्य में एक राजनीतिक पार्टी से ज्यादा पड़े NOTA को वोट

Daily news network Posted: 2018-12-11 19:43:34 IST Updated: 2018-12-23 17:40:58 IST
इस राज्य में एक राजनीतिक पार्टी से ज्यादा पड़े NOTA को वोट
  • मिजोरम विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। राज्य में एमएनएफ की सरकार बनेगी। कई राजनीतिक पार्टियां इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही थी।

मिजोरम विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं। राज्य में एमएनएफ की सरकार बनेगी। कई राजनीतिक पार्टियां इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही थी। लेकिन इस राज्य में एक राजनीतिक पार्टी से ज्यादा वोट नोटा को वोट डाले गए। जी हां, पूर्वोत्तर राज्म मिजोरम में एमएनएफ को (37.6%) 237305 वोट पड़े, कांग्रेस को (30.2%) 190412 वोट पड़े, निर्दलीय(22.9%) 144925 वोट पड़े, बीजेपी को (8.0%) 50744 वोट पड़े, एनपीईपी को (0.6%) 3636 वोट पड़े, पीआरआईएसएमपी को (0.2%) 1262 वोट पड़े, लेकिन नोटा को (0.5%) 2917 वोट पड़े, जो कि पीआरआईएसएमपी के वोट से ज्यादा है।

 


बता दें कि मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने पूर्वोत्तर में कांग्रेस का किला ढहा दिया है। एमएनएफ ने मिजोरम विधानसभा चुनाव में करीब दो तिहाई सीटें जीत ली हैं और कांग्रेस को सत्ता से बाहर करके पूर्वोत्तर क्षेत्र का उसका अंतिम किला ढहा दिया है।

 


एमएनएफ ने 40 सदस्यीय विधानसभा के चुनावों में 26 सीटें जीतकर 10 वर्ष बाद सत्ता में वापसी की है। पिछले 10 वर्ष से राज्य में सरकार चला रही कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। वह सिर्फ पांच सीटें जीत पायी है।

 


पिछले आम चुनाव के बाद से एक के एक बाद हार का सामना कर रही कांग्रेस की अब पूर्वोत्तर क्षेत्र के किसी भी राज्य में सत्ता नहीं है। राज्य में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव हुए थे जिनकी मंगलवार को मतगणना की गयी। दो बार से लगातार राज्य की बागडोर संभाल रहे छिहत्तर वर्षीय कांग्रेस नेता लल थनहवला दो सीटों पर चुनाव लड़े थे जहां उन्हें पराजय मिली।

 


उन्हें चम्पई साउथ सीट से एमएनएफ के टी जे ललनुनतुलांगा ने 856 मतों से पराजित किया। जोरम पीपुल्स मूवमेंट की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ललदुहोमा ने लल थनहवला को सेरचिप सीट से हराया। इस सीट पर श्री ललदुहोमा सातवीं बार चुनाव जीते हैं। श्री लल थनहवला वर्ष 2008 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं।

 


उन्होंने वर्ष 2013 में विधानसभा चुनावों के बाद जब राज्य की सत्ता संभाली थी तो वह राज्य के पांचवी बार मुख्यमंत्री बने थे जो कि मिजोरम के इतिहास में एक रिकार्ड है। चुनाव परिणामों पर खुशी जाहिर करते हुए एमएनएफ के जोरमथंगा ने कहा कि 10 वर्षों बाद उनकी पार्टी सत्ता में वापसी कर रही है जो बहुत उत्साहजनक है।

 


एमएनएफ कार्यकर्ताओं ने चुनाव नतीजे पार्टी के पक्ष में आने के बाद ही जश्न मनाना शुरू कर दिया था। राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय के सामने उन्होंने नाचते-गाते हुए खुशियां मनायी।