असम और मिजोरम के बीच चल रहा है सीमा विवाद, 5 मुख्य बातें

Daily news network Posted: 2018-03-13 18:28:21 IST Updated: 2018-03-13 18:28:21 IST
असम और मिजोरम के बीच चल रहा है सीमा विवाद, 5 मुख्य बातें
  • असम और मिजोरम के बीच 27 फरवरी से सीमा विवाद चल रहा है

गुवाहाटी।

असम और मिजोरम के बीच 27 फरवरी से सीमा विवाद चल रहा है। इसकी शुरुआत 27 फरवरी को उस वक्त हुई जब छात्रों के एक समूह मिजो जिरलाइ पॉल ने 27 हैलाकांडी जिले (असम) के कचूरथल इलाके में नेशनल हाइवे-154 पर रेस्ट हाउस बनाने की कोशिश की थी। असम पुलिस ने उन्हें रोक दिया। हैलाकांडी प्रशासन ने दूसरी तरफ के लोगों की घुसपैठ की आशंका के चलते कुछ क्षेत्रों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी। मिजोरम पुलिस ने आरोप लगाया कि जोपुई में मिजोरम का एक छात्र असम पुलिस की गोली से घायल हो गया था। उसका आरोप है कि असम पुलिस ने यह गोलीबारी छात्रों के एक समूह पर की थी। असम पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। उसका दावा है कि प्रदर्शनकारियों को केवल वापस भेजा गया जिन्होंने राज्य में जबरन घुसने की कोशिश की थी। मिजोरम के छात्र संगठनों ने मांग की थी कि असम के पुलिसकर्मी रविवार तक विवादित स्थल से हटें।

 

 

 


दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने की फोन पर बात

 सीमा पर तनाव बढऩे के बीच मिजोरम के मुख्यमंत्री लल थनहवला और असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने फोन बातचीत की। मिजोरम सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक सोनोवाल ने सुझाव दिया कि दोनों पक्ष विवादित जगह से हट जाएं। मिजोरम के मुख्य सचिव अरविंद राय ने भी असम के मुख्य सचिव से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों पक्ष सीमा विवाद पर वार्ता के लिए सहमत हुए। दिल्ली में गृह

 मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केन्द्र ने असम और मिजोरम की सरकार से सीमा पर शांति बनाए रखने और जरूरत पडऩे पर निषेधाज्ञा लगाने और सुरक्षा बल तैनात करने को कहा। गृह मंत्रालय ने दोनों

 राज्यों से घटना पर रिपोर्ट भी मांगी। साथ ही उनसे जवाब मांगा है कि उन्होंने स्थिति सामान्य करने के लिए क्या क्या कदम उठाए।

 

 



 आपको बता दें कि असम और मिजोरम के बीच लंबे समय से विवाद है। हैलाकांडी कोलासिब क्षेत्र में पहले भी कई बार तनाव पैदा हो चुका है। असम के नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध कर सभी दलों के प्रतिनिधियों को घटनास्थल पर भेजने की इजाजत देकर शांति व्यवस्था पर वार्ता करने को कहा था। पटोवरी ने कहा कि हमें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे स्थिति और बिगड़ जाए। कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने राज्य सरकार से त्रिस्तरीय बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया, जिसमें असम, मिजोरम और केन्द्र शामिल हो। बताया जाता है कि मिजोरम के मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था।

 

 

 


 असम के संसदीय कार्यमंत्री ने विधानसभा में दिया बयान

 असम के संसदीय कार्य राज्य मंत्री चंद्रमोहन पटोवरी ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार मिजोरम से लगी सीमा पर तनाव को खत्म करने व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल खुद असम-मिजोरम सीमा की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पटोवरी ने आरोप लगाया कि सीमा पर घटी घटना राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। सभी घटनाओं के पीछे राजनीतिक हित जुड़े हुए हैं। कुछ लोग राजनीतिक रूप से प्रेरित होकर लाभ के लिए असम और मिजोरम के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार सतर्क है और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, उपायुक्त और एसडीओ भी वहां मौजूद हैं। पटोवारी ने कहा कि असम सभी पड़ोसी राज्यों के साथ अच्छे संबंध चाहता है और उनसे भी ऐसी ही उम्मीद रखता है। उन्होंने कहा कि असम का नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और मिजोरम के साथ कोई गंभीर सीमा विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सोनोवाल ने मिजोरम में अपने समकक्ष ललथनहवला और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से इस मसले पर बात की थी।