शिलोंग : उप राष्ट्रपति ने स्वीकारा बैंक घोटालों से देश की छवि खराब हुई

Daily news network Posted: 2018-04-17 11:38:58 IST Updated: 2018-04-17 11:38:58 IST
शिलोंग : उप राष्ट्रपति ने स्वीकारा बैंक घोटालों से देश की छवि खराब हुई
  • उप राष्ट्रपति वेंकेया नायडू ने पूवोंत्तर के युवाओं को विशेष कोचिंग प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि वे आईआईएम, आईआईटी और सिविल सर्विस में शामिल हो सके।

शिलोंग

 उप  राष्ट्रपति वेंकेया नायडू ने पूवोंत्तर के युवाओं को विशेष कोचिंग प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि वे आईआईएम, आईआईटी और सिविल सर्विस में शामिल हो सके। सोमवार को आईआईएम, शिलोंग में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने उपरोक्त बात कही ।

 




उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के युवा प्रतिभाशाली हैं और वे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी के झंडे गाड़ सकते है। इस उन्हें सही मार्ग दर्शन और कोचिंग देने की जरुरत है। 

 




नायडू ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए कहा कि आईआईएम शिलोंग में कुछ साल पहले उनका निधन हो गया था। उन्होंने डॉ कलाम को एक महँ वयक्ति बताते हुए कहा कि उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि उनके पदचिन्हों पर चलना होगा। 

 

 



उन्होंने  बैंक घोटालों से देश की छवि खराब होने की बात को स्वीकार करते हुए उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि ब्रांड इंडिया के नेताओं में सच्ची ईमानदारी और नैतिक मूल्य होने चाहिए। उन्होंने यहां भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोगों में कानून का भय नहीं होने से पिछले कुछ सालों में घोटाले बढ़े है । 





उपराष्ट्रपति ने छात्रों से भारत को गौरवान्वित करने के लिए नैतिक मानदंडों का प्रदर्शन करने का आह्वान करते हुए कहा कि ईमानदारी, सत्यवादिता के मूल्यों का पालन करना जरूरी है और सर्वश्रेष्ठ चलनों को अपनाया जाना चाहिए । कंपनियों की नैतिकता का उल्लंघन नहीं चाहिए । उन्होंने साथ ही भारत के आर्थिक विकास को लेकर एशियाई विकास की के पूर्वानुमानों का हवाला देते हुए कहा  कि आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए काफी अवसर होंगे । नायडू राजग सरकार की नई का व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे भविष्य में भारत के विकास के गति मिलेगी । 

 

 

दीक्षांत समारोह में मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद और राज्य के कैबिनेट मंत्री जेम्स संगमा भी उपस्थित थे।