'आरएसएस के प्रचारक असम के आम लोगों के किचन में घुस गए हैं'

Daily news network Posted: 2018-04-06 17:13:33 IST Updated: 2018-04-06 17:30:28 IST
'आरएसएस के प्रचारक असम के आम लोगों के किचन में घुस गए हैं'
  • प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा आर्इ ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आरएसएस पर जमकर हमला बोला है।

गुवाहाटी।

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा आर्इ ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आरएसएस पर जमकर हमला बोला है। शुक्रवार को आर्मी डे के मौके पर उल्फा आर्इ ने मीडिया को एक प्रेस रिलीज भेजी। इस पर उल्फा आर्इ के अध्यक्ष अभिजीत आसोम आैर कमांडर इस चीफ परेश बरूआ के हस्ताक्षर हैं। इस प्रेस रिलीज के जरिए दोनों ने आरोप लगाया है कि आरएसएस असम के युवाआें को बरगलाने की कोशिश कर रही है।

 

 

उन्होंने कहा है कि एेसा लग रहा है जैसे यह हिटलर युग हो। उनका कहना है कि ये स्थिति असम के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है। इस बयान के बाद जोरहाट सहित ऊपरी असम के सभी जिलों में आरएसएस की भारी प्रतिक्रिया देखी जा रही है।  

 

 

  

इस बार स्थिति गंभीर

उल्फा की आेर जारी की गर्इ प्रेस रिलीज में कहा गया है कि 1950 से पहले से ही आरएसएस ने असम में अपना बेस बनाने की कोशिश की थी लेकिन उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। लेकिन इस बार स्थिति गंभीर है। इसमें कहा गया है कि आरएसएस के प्रचारक असमिया लोगों के किचन तक पहुंच गए हैं। असम के लोगों को इन्हें जल्द भगा देना चाहिए।

 

 


 लोगों को गुलाम बना रही है भारत सरकार 

 

 इसके अलावा उल्फा आर्इ की आेर से जारी की गर्इ प्रेस रिलीज में आरोप लगाया गया है कि भारत सरकार ने एनसीसी ट्रेनिंग के नाम पर असम के लोगों को उसका गुलाम बना रखा हैं। उल्फा आर्इ ने साथ ही असम के असंख्य लोगों के नए फेस्टिवल में व्यस्त होने की कड़ी निंदा की हैं इसके साथ ही कहा है कि उत्सवों के नाम पर विभिन्न नशीली चीजों के इस्तेमाल को लेकर भी असम वासियों की निंदा की है।

 

 


भार- चीन के जंग का जिक्र

प्रेस रिलीज में चीन के साथ हालिया विक्षुब्द संबंधों को भी जिक्र किया है। साथ ही इसमें र्इस्टर्न रीजन में बड़ी संख्या में डिफेंस पर्सनल मूवमेंट के बारे में भी बोला गया है। असम के लोगों को 1962 में हुर्इ भारत चीन की जंग को भी याद दिलाया है।

 


 

 

असम को छोड़ दिया था पीएम नेहरू ने

 

 भारत-चीन के जंग के दौरान हुर्इ जंग में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने असम को जाने दिया था लेकिन अब वैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो इस बात की कोर्इ गारंटी नहीं है कि असम में एेसे हालात पैदा नहीं होंगे। इसलिए लोगों को सुनिश्चित करना होगा कि राज्य में एेसी स्थिति दोबारा पैदा ना हो। इसके साथ ही उल्फा आर्इ ने रिलीज में उग्रवादी संगठन के कैडर को भी संबोधित किया है। उल्फा आर्इ के चीफ अध्यक्ष आैर कमाुडर इन चीफ ने एसएएस, आर्इडीएफ मिलिट्री आैर नेवी सील्स की बराबरी के लिए मानसिकता का विकास करने को कहा है।