कविता और नंदिनी है Lady सिंघम,नाम से ही गुंडों की रूह कांप जाती है

Daily news network Posted: 2018-03-14 13:08:00 IST Updated: 2018-09-15 05:21:20 IST
कविता और नंदिनी है Lady  सिंघम,नाम से ही गुंडों की रूह कांप जाती है
  • असम में इन दिनों दो महिला पुलिस अधिकारियों के चर्चे हैं। हर किसी की जुबां पर दोनों का नाम है।

डिब्रूगढ़।

असम में इन दिनों दो महिला पुलिस अधिकारियों के चर्चे हैं। हर किसी की जुबां पर दोनों का नाम है। इन्होंने अपने काम से बहादुरी की शानदार मिसाल पेश की है। इनका नाम सुनते ही गुंडों की रूह कांपने लगती है। एक का नाम है नंदिनी काकोति और दूसरी का नाम है कविता दास। दोनों डीसीपी हैं।

 


 


डीसीपी नंदिनी काकोति जोरहाट जिले में तैनात हैं जबकि कविता दास डिब्रूगढ़ में। कविता और नंदिनी ने अपने अपने इलाकों में क्राइम रेट में काफी कमी लाई है। दोनों ने अपने अपने इलाकों में शराब के अवैध धंधे को करीब करीब खत्म कर दिया है। बकौल नंदिनी,जोरहाट में अभी तक जो भी छापे मारे गए उससे असामाजिक तत्वों का बेसिक स्ट्रक्चर तबाह हो गया। इलाके में अपहरण, फिरौती,गेम्बलिंग और देसी शराब का अवैध धंधा काफी फल फूल रहा था, जिस पर नंदिनी ने काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है।

 

 

 


नंदिनी कहती है, रात में भी जोरहाट कस्बे को सुरक्षित बनाने बनाने के लिए जोरहाट पुलिस के तहत स्पेशल टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इसका नेतृत्व खुद नंदिनी करेगी। स्पेशल टास्क फोर्स का काम आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना होगा। ग्राउंड रिपोर्ट कहती है कि नंदिनी जैसी बहादुर महिलाओं के कारण क्षेत्र की लड़कियों के लिए अपनी समस्याओं को शेयर करना आसान हो गया है। नंदिनी वैश्यावृत्ति के मामलों को भी सुपरवाइज करती हैं। साथ ही महिलाओं से संबंधित मामलों को भी देखती है,जिनमें गुमशुदगी की शिकायतें शामिल है। हालांकि बाद में मामले जोरहाट जिले में संबंधित थानों को सौंप दिए जाते हैं।

 

 

 

 


बकौल नंदिनी, हम जल्द ही व्हाट्सएप ग्रुप बनाऐंगे, जहां लोग अपनी शिकायतें और किसी भी प्रकार के मुद्दे शेयर कर सकेंगे। ग्रुप में मेरे पर्सनल नंबर भी होंगे। वहीं डिब्रूगढ़ के पुलिस सूत्रों का कहना है कि डीएसपी कविता शुरुआत में सिटिंग जॉब में इंटरेस्टेड थी लेकिन पुलिस डिपार्टमेंट ज्वाइन करने के बाद वह उसमें रम गई और क्षेत्र में एक्सीलेंट पुलिस वर्क कर रही है।

 

 

 


उत्त पदस्थ सूत्रों का कहना है कि कविता के नेतृत्व वाली टीम बहुत मजबूत है। इस टीम ने डिब्रूगढ़ में शराब का गैर कानूनी धंधा करने वालों पर छापेमारे। आपको बता दें कि डिब्रूगढ़ ड्रग्स और देसी शराब के अवैध व्यापार के लिए मशहूर है लेकिन कविता जैसी महिला पुलिस अधिकारियों के फोर्सेज ज्वाइन करने के बाद धीरे धीरे स्थिति नियंत्रण में आई। इन दो लेडी सिंघम ने निश्चित रूप आलोचना की शिकार रही असम पुलिस की छवि काफी हद तक बदल दी है।