त्रिपुरा में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने बेचे पकौड़े और समोसे

Daily news network Posted: 2018-04-13 13:02:44 IST Updated: 2018-04-13 13:02:44 IST
त्रिपुरा में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने बेचे पकौड़े और समोसे
  • केंद्र की मोदी सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए त्रिपुरा में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया।

अगरतला।

केंद्र की मोदी सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए त्रिपुरा में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने मोदी सरकार पर युवाओं को रोजगार के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस भवन के सामने पकौड़े और समोसे की दुकान लगाई और उन्हें बेचा भी। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे।  कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार ने देश के युवाओं को बेवकूफ  बनाया। इसी तरह त्रिपुरा में बिल्पब देब की भाजपा सरकार राज्य के 8 लाख बेरोजगार युवकों को बेवकूफ बना रही है। 





कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लुभावना वायदा करके सत्ता हासिल करने वाली मोदी सरकार अब पढ़े-लिखे युवाओं को पकौड़े  बेचने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है। गौरतलब है कि जनवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पकौड़ा रोजगार शब्द का इस्तेमाल किया था।  इस खास इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतराष्ट्रीय मसले और कूटनीति से लेकर रोजगार तक के मुद्दों पर बात की थी। उनसे जब टीवी एंकर ने सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब पीएम मोदी ने पकौड़ा तलने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आपके ऑफिस के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं।



 


दरअसल एंकर ने श्रम मंत्रालय के आंकड़े पेश करते हुए सवाल किया था कि क्या सरकार नौकरियां पैदा करने की दिशा में सही रास्ते पर चल रही है या नहीं। रोजगार के आंकड़ें पूछने पर पीएम मोदी के इस जवाब पर वह सोशल मीडिया में तेजी से ट्रोल हुए थे। कई यूजर्स ने सरकार पर रोजगार के नए अवसर नहीं पैदा करने को लेकर उनपर तंज कसा था। दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों ने इस बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर ले लिया था। विपक्षी पार्टियों ने देश के कई हिस्सों में पकौड़े बेचकर अपना विरोध प्रदर्शन दिखाया था।