'त्रिपुरा के मुसलमान देशभक्त,बंटवारे के वक्त नहीं गए पाकिस्तान'

Daily news network Posted: 2018-02-12 13:57:35 IST Updated: 2018-02-12 13:57:35 IST
'त्रिपुरा के मुसलमान देशभक्त,बंटवारे के वक्त नहीं गए पाकिस्तान'
  • वरिष्ठ भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि त्रिपुरा के मुसलमान देशभक्त हैं और वे आजादी के बाद पाकिस्तान नहीं गए जबकि राज्य की बांग्लादेश के साथ लंबी सीमा लगती है

अगरतला।

वरिष्ठ भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि त्रिपुरा के मुसलमान देशभक्त हैं और वे आजादी के बाद पाकिस्तान नहीं गए जबकि राज्य की बांग्लादेश के साथ लंबी सीमा लगती है, जो पहले पूर्वी पाकिस्तान था। सिपाहिजाला जिले में एक इलेक्शन मीटिंग में शाहनवाज हुसैन ने कहा,पाकिस्तान में एक मस्जिदों में नमाज के वक्त हजारों मुसलमानों को मारा दिया गया लेकिन भारत में इस तरह की एक भी घटना घटित नहीं हुई।

 

 


हुसैन ने कहा, भाजपा सिर्फ नरेन्द्र मोदी की पार्टी नहीं है। यह शाहनवाज हुसैन की भी पार्टी है। यह आम लोगों की पार्टी है और यह धर्मनिरपेक्ष दल है न कि सांप्रदायिक पार्टी। मुस्लिम बहुल बॉक्सानगर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में एक मीटिंग के दौरान उन्होंने यह बात कही। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा,1947 में भारत के बंटवारे के बाद मुस्लिम पूर्वी पाकिस्तान नहीं गए। उन्होंने त्रिपुरा में रहना पसंद किया क्योंकि वे देशभक्त फोर्स हैं।

 

 


आपको बता दें कि त्रिपुरा में करीब 8 फीसदी मुस्लिम हैं। राज्य की बांग्लादेश से सीमा लगती है और कई मुस्लिम सीमा के पास रहते हैं। सीमा पर फेंसिंग के कारण उन्हें इलाके को खाली करना पड़ा। साथ ही अन्य कई समस्याओं को सामना करना पड़ा लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने यह मामला केन्द्र के सामने कभी नहीं उठाया। हुसैन ने कहा कि जब वह सिविल एविशन मंत्री थे तब उन्होंने गुवाहाटी से सीधे मक्का के लिए फ्लाइट अरैंज की थी।

 


 


हुसैन ने कहा कि सत्तारुढ़ सीपीएम के नेतृत्व वाला लेफ्ट फ्रंट भाजपा को सामंप्रदायिक पार्टी के रूप में ब्रांड करता है जबकि असल में कम्यूनिस्ट कम्यूनल हैं। यूएसएसआर के टुकड़े होने से पहले कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे कई प्रांत मुस्लिम बहुल थे। कम्यूनिस्ट शासकों ने मस्जिदों को ढहा दिया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा कई राज्यों में जीती है। उसे मुस्लिमों के भी वोट मिले हैं क्योंकि वे पार्टी का समर्थन करते हैं। उन्होंने गुजरात, असम, उत्तर प्रदेश और जम्मू कश्मीर का उदाहरण भी दिया। हुसैन ने कहा, हमारे बेस्ट फ्रेंड हिंदू हैं। सभी मुस्लिमों को गर्व होना चाहिए कि हम भारत में जन्मे हैं। आपको हिंदुओं जैसे सच्चे दोस्त और भारत जैसा देश कभी नहीं मिलेगा। हालांकि हुसैन ने स्वीकार किया कि 125 करोड़ के देश में सांप्रदायिक हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाएं हो जाती है।