सीपीएम नेता बिजान धर ने बताई त्रिपुरा में भाजपा से हारने की वजहें

Daily news network Posted: 2018-04-12 14:20:48 IST Updated: 2018-04-12 14:20:48 IST
सीपीएम नेता बिजान धर ने बताई त्रिपुरा में भाजपा से हारने की वजहें
  • सीपीएम की सेंट्रल कमेटी के सदस्य बिजान धर ने बुधवार को कहा कि त्रिपुरा में लेफ्ट फ्रंट का खराब प्रदर्शन लेफ्ट मूवमेंट को सिर्फ अस्थायी रूप से नुकसान पहुंचाएगा।

अगरतला।

सीपीएम की सेंट्रल कमेटी के सदस्य बिजान धर ने बुधवार को कहा कि त्रिपुरा में लेफ्ट फ्रंट का खराब प्रदर्शन लेफ्ट मूवमेंट को सिर्फ अस्थायी रूप से नुकसान पहुंचाएगा। हम इस झटके से उबर जाएंगे। धर यहां पर सीपीएम की स्टेट कमेटी की दो दिवसीय बैठक की समाप्ति के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। आपको बता दें कि सीपीएम लेफ्ट फ्रंट का प्रमुख घटक दल है। 

 

 

 

 

 

सीपीएम पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात भी सीपीएम की स्टेट कमेटी की बैठक में मौजूद थे। बकौल धर,लेफ्ट फ्रंट की चुनावी हार भारत में लेफ्ट मूवमेंट को अस्थायी रूप से प्रभावित करेगी लेकिन हम पार्टी के कार्यक्रमों व कार्यों के जरिए झटके से उबर जाएंगे। विधानसभा चुनावों में लेफ्ट और भाजपा के बीच सीधी टक्कर थी। कॉर्पोरेट समर्थित भाजपा व आरएसएस की त्रिपुरा मे सांप्रदायिक गतिविधियों के परसेप्शन और अंडरस्टैंडिंग की कमी थी। 

 

 

 

 

 

 

धर ने स्वीकार किया कि सीपीएम को चुनाव से पहले भाजपा व आरएसएस के माइक्रो मैनेजमेंट और डिजीटल गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं थी। मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनावों से काफी पहले भाजपा ने बड़ी मात्रा में पैसा लगाया। विभिन्न समुदायों को लुभाने के लिए भाजपा और आरएसएस ने संगठन स्तर पर जो काम किया उसको हमने उतनी महत्ता नहीं दी। आपको बता दें कि त्रिपुरा में भाजपा और आईपीएफटी के गठबंधन ने लेफ्ट फ्रंट का सूपड़ा साफ कर दिया। भाजपा-आईपीएफटी के गठबंधन ने 60 में से 44 सीटें जीती। 

 

 

 

 

 

अकेले भाजपा ने 36 सीटें जीती। राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनी। धर ने कहा कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए अलग अलग तरह के षडयंत्र रचे। प्रधानमंत्री कार्यालय, विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों व भाजपा और आईपीएफटी ने भगवा पार्टी की जीत में मदद की। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के अलग चुनाव लडऩे के कारण लेफ्ट विरोधी मत भाजपा आईपीएफटी गठबंधन के पक्ष में गए। धर ने बताया कि हैदराबाद में 18 से 22 अप्रेल तक पार्टी की 22वीं कांग्रेस होगी। इसके बाद सीपीएम ने कई कार्यक्रमों की योजना बई है ताकि हमारी वापसी हो।