इस बार बुरे फंसे मोदी सरकार के ये मुख्यमंत्री, शाही परिवार के निशाने पर आए

Daily news network Posted: 2018-05-12 10:24:31 IST Updated: 2018-05-12 15:25:00 IST
इस बार बुरे फंसे मोदी सरकार के ये मुख्यमंत्री, शाही परिवार के निशाने पर आए
  • त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब इन दिनों अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में है।

अगरतला।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब इन दिनों अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में है। कहा जा रहा है कि देब की बयानबाजी से शीर्ष नेतृत्व नाराज चल रहा है।  बता दें कि बिप्लब कुमार देब ने हाल ही में रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर विवादित बयान दिया था। दरअसल रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर बिप्लब देब ने कहा कि टैगोर ने अंग्रेजों के विरोध में अपना नोबेल पुरस्कार लौटा दिया था। आपको बात दें कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कवि, उपन्यासकार, नाटककार, चित्रकार और दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर ने जलियावाला बाग हत्याकांड के विरोध में ब्रिटिश राजा द्वारा दिए गए नाइटहुड के खिताब को भी लौटा दिया था, लेकिन उन्होंने स्वीडिश अकादमी द्वारा दिए गए नोबल पुरस्कार को कभी नहीं लौटाया था। 




 

त्रिपुरा के शाही परिवार के वारिस और त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रद्योत किशोर देवबर्मन ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के ऐसे बयान से बेहद दुखी हुए थे। उन्होंने कहा कि टैगोर ने 1919 में पंजाब के जलियावालां बाग नरसंहार के विरोध में अपनी नाइटहुड की उपाधि वापस कर दी थी। मैंने अपने दादा जी की डायरी में ये लिखा पाया था। ये सही नहीं है कि हमारे मुख्यमंत्री इस तरह बोलें। इसका कोई मतलब नहीं है। टीपीसीसी के अध्यक्ष बीराजीत सिन्हा ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि हमें विदेशों से भी इस संबंध में फोन आ रहे हैं और लोग उनके कमेंट पर हंस रहे हैं। उन्होंने (बिप्लब देव) हमारे राज्य की छवि पर दाग लगा दिया है और हमें शर्मिंदा किया है। सीपीआई-एम के राज्य महासचिव बिजेन दार ने कहा कि मैं इस बयान पर बस हंस सकता हूं।



 

हालांकि ये पहली बार नहीं है जब बिप्लब कुमार ने कोई विवादित बयान दिया हो। इससे पहले भी वे कई बयानों के चलते अपनी फजीहत करवा चुके हैं। बिप्लब देब सबसे पहले महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा कर सुर्खियों में आए थे। उन्होंने पूर्व मिस वल्र्ड डायना हेडेन को लेकर भी विवादास्पद बयान दिया था और युवाओं को नौकरी की जगह पान की दुकान खोलने या गाय पालने की सलाह दी थी। इसके अलावे देब ने यह भी कहा था कि उनके सरकार के कामकाज में बाधा डालने वालों को के वे नाखून उखाड़ लेंगे।