BSF जवान की मौत के बाद पत्नी व बेटी ने नहीं मानी हार, मुख्यमंत्री के सामने रख दी ऐसी मांग

Daily news network Posted: 2019-08-25 09:32:17 IST Updated: 2019-08-25 17:24:54 IST
  • बीएसएफ जवान की पत्नी व बेटी ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

अगरतला

बीएसएफ जवान की पत्नी व बेटी ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री ने भी निष्पक्ष जांच व सहयोग का भरोसा दिया है। आपको बता दें कि जिगिना मिश्र निवासी बीएसएफ में एएसआइ कृष्णमुरारी मिश्र की त्रिपुरा के सिपहीजाला जनपद के श्रीमंतापुर सीमा चौकी पर 7 अगस्त की रात गोली लगने से मौत हो गई।

 

 


मुकदमा दर्ज न होने पर जवान की पत्नी मनोरमा देवी, पुत्री वैष्णवी मिश्रा व भतीजा भोलू मिश्रा ने हियुवा के जिला उपाध्यक्ष गिरधारी तिवारी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर में मुलाकात की। मनोरमा मिश्रा ने बीएसएफ जवान के सिर में लगी दो गोलियां वाली तस्वीर व पीएम रिपोर्ट भी दिखाई। सीएम ने सहानुभूति दिखाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा जाएगा। उनके स्तर से जो भी होगा, वह करेंगे।


 जवान की पत्नी ने सीएम के सामने रखी यह मांगेंः

  1. भटनी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर त्रिपुरा ट्रांसफर किया जाए।
  2. सीबीआइ जांच कराई जाए।
  3. शहीद का दर्जा दिलाते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार से मिलने वाली सुविधाएं दिलाई जाए।
  4. पुत्री वैष्णवी को सरकारी नौकरी दी जाए।

 


ज्ञात हो कि त्रिपुरा में तैनात देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के रहने वाले बीएसएफ जवान कृष्णमुरारी मिश्र के शव का दुबारा पोस्टमार्टम हुआ था। यह पोस्टमार्टम घर व गांव वालों की मांग पर कराया गया था। जिसके बाद पांच डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसके पहले रात को शव आने पर गांव व घर वालों ने वाहन से शव को उतरने ही नहीं दिया। जिसके बाद रात को ही डीएम व एसपी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को मनाने की कोशिश, लेकिन घर वालों के दुबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े रहने के कारण भोर में करीब 4 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था।


 


गोली लगने से हुई थी मौत

ज्ञात हो कि कृष्णमुरारी मिश्र बीएसएफ में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। इस समय उनकी तैनाती त्रिपुरा में थी। ड्यूटी से छूटने के बाद उनकी गोली लगने से मौत हो गई थी। मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम वहीं कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद रात को करीब 12 बजे बीएसएफ के जवान वाहन से उनका शव लेकर गांव जिगिना मिश्र पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद घर व गांव वालों ने दुबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर शव को वाहन से उतरने नहीं दिया। इस बीच लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी करते नजर आए।


 


मांग पर अड़े रहे परिजन

जानकारी होने पर जिलाधिकारी अमित किशोर व पुलिस अधीक्षक डा श्रीपति मिश्र रात को 2 बजे पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक घर व गांव वालों को मनाने की कोशिश की, लेकिन घर वाले पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया और बीएसएफ के वाहन से शव को अपने साथ लेकर देवरिया चले आए।


 


5 डाक्टरों की टीम हुई थी गठित

सुबह साढ़े पांच बजे शव जिला मुख्यालय पर लाने के बाद कागजी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। डीएम के निर्देश पर पोस्टमार्टम के लिए एसीएमओ डा संजय चंद के नेतृत्व में 5 डाक्टरों की टीम गठित की गई। जरूरी औपचारिकताओं के पूरा करने के बाद 10 बजे से डाक्टरों ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान एसडीएम, सीओ समेत भारी पुलिस बल के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर डटे रहे।