इस राज्य में लहराया बीजेपी का परचम, बिना लड़े ही 82% सीटों पर मिली शानदार जीत

Daily news network Posted: 2019-07-11 08:33:43 IST Updated: 2019-07-11 08:33:43 IST
इस राज्य में लहराया बीजेपी का परचम, बिना लड़े ही 82% सीटों पर मिली शानदार जीत
  • पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सत्‍तारूढ़ बीजेपी ने ग्राम पंचायत की 82 प्रतिशत सीटों पर बिना लड़े ही धमाकेदार जीत दर्ज की है। उसकी वजह यह है कि विपक्षी दल सीपीएम, कांग्रेस और आईपीएफटी महज 18 प्रतिशत सीटों पर ही अपने उम्‍मीदवार उतार सके।

अगरतला।

पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सत्‍तारूढ़ बीजेपी ने ग्राम पंचायत की 82 प्रतिशत सीटों पर बिना लड़े ही धमाकेदार जीत दर्ज की है। उसकी वजह यह है कि विपक्षी दल सीपीएम, कांग्रेस और आईपीएफटी महज 18 प्रतिशत सीटों पर ही अपने उम्‍मीदवार उतार सके। राज्‍य में 27 जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग होनी है।

 


 त्रिपुरा निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, 1 से 8 जुलाई के बीच विभिन्‍न पार्टियों के 7,488 उम्‍मीदवारों ने 6,646 सीटों के लिए नामांकन किया था। सत्‍तारूढ़ बीजेपी के 6,127 उम्‍मीदवारों ने 6,111 ग्राम पंचायतों के लिए नामांकन करवाया है, जबकि कांग्रेस ने केवल 727 सीटों पर ही अपने उम्‍मीदवार उतारे हैं। सीपीएम ने 408 और आईपीएफटी ने केवल 48 उम्‍मीदवार मैदान में खड़े किए हैं। कुल 174 सीटों पर निर्दलीय उम्‍मीदवार लड़ रहे हैं।

 


 इसके अलावा बीजेपी ने सभी 419 पंचायत समितियों के लिए अपने उम्‍मीदवार को मैदान में उतारा है। सीपीएम ने 93, कांग्रेस ने 74 और आईपीएफटी ने 92 सीटों पर उम्‍मीदवारों को खड़ा किया है। यही स्थिति जिला परिषद सीटों की है। बीजेपी सभी 117 जिला परिषद सीटों पर लड़ रही है, जबकि सीपीएम 93, कांग्रेस 81 ओर आईपीएफटी केवल 9 पर है। यहां सात सीटों पर निर्दलीय लड़ रहे हैं।

 


 अपने उम्‍मीदवार सभी सीटों पर न उतारने के पीछे विपक्षी सीपीएम और कांग्रेस का आरोप है कि राज्‍य भर में बीजेपी की हिंसा के कारण ऐसा हुआ है। इन आरोपों का खंडन करते हुए बीजेपी का कहना है कि असल में जनता ने इन लोगों को नकार दिया है और इन्‍हें लड़ने के लिए उम्‍मीदवार ही नहीं मिल रहे हैं।

 


 त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्‍यक्ष प्रद्युत किशोर देबबर्मन ने पंचायत चुनावों से पहले एक सर्व दलीय बैठक बुलाने की मांग की है ताकि तनाव कम किया जा सके।