प्रधानमंत्री को मिलेगी अब तक की सबसे बड़ी टक्कर, क्या यहां चल पाएगा मोदी मैजिक, देखिए ये बड़ी खबर

Daily news network Posted: 2018-01-13 11:54:45 IST Updated: 2018-01-13 11:54:45 IST
  • लेफ्ट के इस दुर्ग में बीजेपी सेंधमारी की लिए बेताब है। हालांकि बीजेपी के लिए ये इतना आसान नहीं होगा।

पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। त्रिपुरा को लेफ्ट का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार राज्य का सियासी मिजाज गड़बड़ाया है। लेफ्ट के इस दुर्ग में बीजेपी सेंधमारी की लिए बेताब है। हालांकि बीजेपी के लिए ये इतना आसान नहीं होगा।

 

 

 

 


दरअसल त्रिपुरा एक दौर में आदिवासी समुदाय की बाहुल्य राज्य के तौर पर था, लेकिन बांग्लादेश से बड़ी संख्या में शरणार्थियों के यहां आने से जनसंख्या का स्वरूप ही बदल गया। यही वजह है कि त्रिपुरा की राजनीति में बांग्ला-भाषी लोगों का वर्चस्व स्थापित हो गया है, जबकि आदिवासी राज्य के पहाड़ी इलाकों में रह रहे हैं। बीजेपी बांग्लादेशियों के खिलाफ  सख्त रवैया अख्तियार किए हुए है। ऐसे में बीजेपी ने अपनी सियासी बिसात आरएसएस के जरिए बिछा रही है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने त्रिपुरा को फतह करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।