त्रिपुरा सरकार के इस कदम से सरकारी कर्मचारी आैर मंत्री नहीं कर पाएंगे कामचोरी

Daily news network Posted: 2018-04-04 12:30:09 IST Updated: 2018-04-04 19:04:08 IST
  • त्रिपुरा सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब सरकारी दफ्तराें में उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक लगवाएं जाएंगे। इसके साथ ही एक नया एप लांच किया जाएगा जो कार्यस्थलों पर कर्मचारियों आैर अधिकारियों के समय काे सुनिश्चित करेगा

अगरतला।

त्रिपुरा सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब सरकारी दफ्तराें में उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक लगवाएं जाएंगे। इसके साथ ही एक नया एप लांच किया जाएगा जो कार्यस्थलों पर कर्मचारियों आैर अधिकारियों के समय काे सुनिश्चित करेगा आैर उनके प्रदर्शन को ट्रैक करेगा। तो अब त्रिपुरा के सरकार के इस कदम से राज्य में कर्मचारी, मंत्री अौर अधिकारी कामचोरी नहीं कर पाएंगे।

 


 

 बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री आैर शीर्ष अधिकारी सभी डिजिटल अटेंडेंस लगाएंगे आैर उनके काम प्रदर्शन की भी निगरानी की जाएगी। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक ये सिस्टम सचिवालय से शुरू होगा। इसके बाद राज्य के जिला प्रशासन कार्यालय, निदेशालय आैर अन्य प्रतिष्ठानों में भी इस सिस्टम को शुरू किया जाएगा।

 

 

 

 इस पर उप मुख्यमंत्री जिष्णु देव ने कहा कि त्रिपुरा अपनी खराब काम संस्कृति के कारण पीछे है। राज्य इससे बेहतर हो सकता था अगर यहां के लोगों में समयनिष्ठा, अनुशासन, जवाबदेही आैर समाज के लिए सर्वश्रेष्ठ करने का इरादा होता। उन्होंने कहा पीपी वर्मा समिति की सलाह के बाद से ही हम कर्मचारियों को सातवें वेतन का पूरा लाभ देंगे। उन्होंने बताया कि इस नियम को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री आैर मंत्रियों ने 100 दिन का लक्ष्य बनाया है। इन दिनों में इस नियम को राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

 


 


इसके अलावा उन्होंने कहा पेपर के काम को कम करने आैर प्रशासनिक काम को गति देने के लिए र्इ- आॅफिस शुरू करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। जिससे सरकारी अधिकारियों अौर मंत्रियों के काम को ट्रैक किया जा सके। जिष्णु देव ने कहा, बायाेमैट्रिक सिस्टम लगने के बाद हेरफेर का काम समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जा नया एप लांच किया जाएगा उसे कर्मचारी आैर अधिकारी के वेतन बिल से भी जोड़ा जाएगा।

 

 


आॅफिस में अनाधिकृत रूप से अधिकारियों आैर कर्मचारियों की अनुपस्थिति की स्थति में वेतन से कटाैती हो जाएगी। इस पूरे सिस्टम की निगरानी मुख्यमंत्री के कार्यालय मेंं की जाएगी। आॅफिस में आने से लेकर जाने तक के समय का पूरा ब्यौरा होगा आैर एप के जरिए कर्मचारी के काम का आंकलन किया जाएगा।

 

 


 देव ने बताया कि ट्रांजेक्शन के लिए राज्य सरकार के आॅफिस में डिजिटल नेटवर्क लगवाया जाएगा। उन्होंने कहा ये सभी काम कल्चर को सुधारने आैर प्रशासन में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए किया जा रहा है। क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री खुद इन सब पर नजर रखेंगे।