अरुणाचल प्रदेशः खतरे में 33 भाषाएं, स्कूलों में शुरू होगा आदिवासी भाषाओं का पाठ्यक्रम

Daily news network Posted: 2018-04-02 14:47:02 IST Updated: 2018-04-02 17:32:44 IST
अरुणाचल प्रदेशः खतरे में 33 भाषाएं, स्कूलों में शुरू होगा आदिवासी भाषाओं का पाठ्यक्रम
  • राज्य सरकार ने स्कूलों में अपर प्राइमरी लेवल तक की कक्षाओं के पाठ्यक्रम में राज्य की आदिवासी भाषाओं को शामिल करने का फैसला किया है।

ईटानगर।

राज्य सरकार ने स्कूलों में अपर प्राइमरी लेवल तक की कक्षाओं के पाठ्यक्रम में राज्य की आदिवासी भाषाओं को शामिल करने का फैसला किया है। राज्य सरकार के इस फैसले के बारे में 12 मार्च को उपमुख्यमंत्री और राज्य के वित्त मंत्री चोवना मेन ने सदन में अपने बजट भाषण में अवगत कराया था। हालांकि राज्य सरकार द्वारा साल 2009 में सदन में कहा गया था कि आदिवासी भाषाओं को स्कूल पाठ्क्रम में जगह दी जाएगी, लेकिन ऐसा अब हुआ है।

 

 


भाषाओं के डॉक्यूमेंटेशन का काम दोबारा होगा शुरू 

 

उस समय तत्कालीन कला और संस्कृति मंत्री महेश चाई ने सदन में एक सवाल में जवाब में कहा था कि उस समय तक उनके विभाग ने राज्य के छोटे-बड़े आदिवासी समुदायों द्वारा बोली जाने वाली 42 भाषाओं को डॉक्यूमेंटेशन किया था। इस बार उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बाकी की भाषाओं के डॉक्यूमेंटेशन के काम को दोबारा शुरू करेंगे।

 


 

अरुणाचल देश में 90 भाषाआें का प्रचलन

 लंबे समय से राज्य में आदिवासी भाषाओं को बचाने और बच्चों को उनके बारे में पढ़ाने की बात उठ रही थी। 2008-09 में यूनेस्को के एक सर्वे में पाया गया था कि राज्य में 33 भाषाएं खतरे में हैं, जिनमें 4 विलुप्त होने की कगार पर थीं। वहीं 2013 में प्रदेश में हुए एक पीपुल्स लिंगविस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया में पाया गया था कि भाषाओं के लिहाज से अरुणाचल देश में सबसे आगे है। यहां 90 भाषाएं प्रचालन में हैं।