चीन- अमरीका 'वॉर' से सोने की कीमतों पर पड़ेगा असर, अब बेतहाशा बढ़ेंगे दाम

Daily news network Posted: 2018-03-24 12:03:06 IST Updated: 2018-03-24 12:16:37 IST
चीन- अमरीका 'वॉर' से सोने की कीमतों पर पड़ेगा असर, अब बेतहाशा बढ़ेंगे दाम
  • दुनिया में सोने की चमक अचानक से बढ़ गई है, इसके पीछे का कारण अमरीका और चीन के बीच छिड़ी ट्रेड वॉर को माना जा रहा है।

नई दिल्ली।

दुनिया में सोने की चमक अचानक से बढ़ गई है, इसके पीछे का कारण अमरीका और चीन के बीच छिड़ी ट्रेड वॉर को माना जा रहा है। शुक्रवार को दिल्ली बुलियन मार्केट में सोने की कीमत में 250 रुपए का इजाफा हुआ। इसकी नई कीमत 31,750 रुपए प्रति दस ग्राम हो चुकी है। बता दें कि लगातार दूसरे दिन सोने की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है। गुरुवार को सोना 150 रुपए महंगा हुआ था। ऐसे में पिछले दो दिनों में सोने की कीमत में 400 रुपए की तेजी दर्ज की जा चुकी है। वहीं इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और क्वाइन मेकर्स का उठाव बढऩे से चांदी भी 50 रुपए चढ़कर 39,500 रुपए प्रति किलोग्राम हो चुकी है।

 

 

 


 ट्रेडर्स का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वादे के मुताबिक एंटी चाइना टैरिफ की ओर कदम उठाने के बाद ग्लोबल ट्रेड वार की आशंका से निवेशकों के बीच सोने की मांग बढ़ गई और डॉलर कमजोर हो गया। ऐसे में मार्केट में सोने की कीमत दो हफ्ते के उच्चतम स्तर को छू गई। सिंगापुर मार्केट में सोना 0.92 फीसदी की तेजी के साथ 1,340.80 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.98 फीसदी की बढ़त के साथ 16.50 डॉलर प्रति औंस हो गई। इसके अलावा डोमेस्टिक मार्केट में नवरात्र के लिए लोकल ज्वैलर्स की डिमांड जारी रहने और दूसरी तरफ  लुढ़कते शेयर मार्केट से निवेशकों का रुख बुलियन मार्केट की ओर मुडऩे से भी बहुमूल्य धातुओं की तेजी को समर्थन प्राप्त हुआ।

 

 


 ट्रेड वॉर पर दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनली ने चिंता जाहिर की है। मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि ग्लोबल इन्वेंट्री 5 साल के निचले स्तर के पास कामकाज कर रही है। भू-राजनैतिक संकटों की वजह से ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर तक जा सकता है क्योंकि दूसरी छमाही में मांग बढऩे का अनुमान है। ऐसे कच्चे तेल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। बीते 2 हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की उछाल देखने को मिली है। ट्रेड वॉर के कारण साल 2019 में भी ओपेक की सप्लाई में कमी की संभावना जताई जा रही है। सऊदी अरब 2019 में सप्लाई घटाने के पक्ष में है। इधर, अमेरिका की ईरान पर आर्थिक पाबंदी की तैयारी की जा रही है। अगर ईरान पर आर्थिक पाबंदी लगी तो कच्चे तेल की आपूर्ति घटेगी।