मोदी के हर घर में बिजली वादे की पोल खोलता ये गांव, जान लीजिए पूरी सच्चाई

Daily news network Posted: 2019-04-24 12:23:50 IST Updated: 2019-04-24 17:13:29 IST
  • देश के ग्रामीण इलाकों तक पर्याप्‍त बिजली सप्‍लाई के दावे को मेघालय के एक गांव ने आइना दिखाया है।

शिलांग

देश के ग्रामीण इलाकों तक पर्याप्‍त बिजली सप्‍लाई के दावे को मेघालय के एक गांव ने आइना दिखाया है। यहां के लोग राज्‍य सरकार से इतने खफा हैं कि उन्‍होंने बांग्‍लादेश से बिजली लेने की धमकी दी है। ईस्‍ट जयंतिया हिल्‍स जिले के उमकियांग गांव की स्‍थानीय युवा एसोसिएशन ने ग्रामीणों की बैठक बुलाई थी। इसमें उन्‍होंने तय किया कि बांग्‍लादेश से बिजली लेने के लिए राज्‍य सरकार से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) मांगा जाएगा।

 

 


 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एसोसिएशन के प्रवक्‍ता किंजेमोन अम्‍से ने कहा, “अगर मेघालय सरकार हमें ठीक से सर्विस नहीं दे सकती है तो स्‍थानीय लोगों के हित में यही होगा कि सरकार हमें बांग्‍लादेश से बिजली लेने की इजाजत दे। जो भी हमें पर्याप्‍त सप्‍लाई देगा, चाहे वो किसी देश की संस्‍था हो, हम उसे पैसे देंगे।”

 

 


 प्रवक्‍ता के मुताबिक, सिर्फ उमकियांग ही बिजली कटौती से प्रभावित नहीं है, बल्कि आसपास के कुलियांग, पिरटकुना और रतचेर्रा जैसे गांव भी अधिकतर समय अंधेरे में रहते हैं। इन गांवों को सालों से मेघालय सरकार ही बिजली सप्‍लाई करती रही है।

 

 


 बिजली व्‍यवस्‍था के लिए गांव के हर घर से महीने में 650 रुपये से ज्‍यादा लिए जाते हैं, मगर सप्‍लाई बमुश्किल पांच घंटे ही मिल पाती है। ईस्‍ट जयंतिया हिल्‍स जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझ में नहीं आ रहा कि अगर गांव वाले औपचारिक रूप से ऐसी कोई मांग करते हैं तो वे क्‍या करेंगे।

 

 


 रिपोर्ट्स के अनुसार, गांववालों का कहना है कि उनके पास बिल तो हर महीने पहुंच जाता है, पर सप्‍लाई नहीं आती। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बांग्‍लादेश के पास अक्‍टूबर, 2018 तक 20,430 मेगावाट बिजली उत्‍पादन की क्षमता थी।