विश्व धरोहर बनने की दौड़ में हुए शामिल नॉर्थ ईस्ट के ये स्थल

Daily news network Posted: 2018-04-04 17:34:47 IST Updated: 2018-04-04 17:35:08 IST
  • यूनेस्को के विश्व धरोहर की सूची में भेजे जाने वाले प्रस्तावित स्थलों में इस साल नॉर्थ ईस्ट राज्यों के छह स्थलों का नाम शामिल किया गया है। यूनेस्को भेजी जाने वाली सूची में चार स्थल अरुणाचल प्रदेश से हैं और दो असम से हैं।

असम

यूनेस्को के विश्व धरोहर की सूची में भेजे जाने वाले प्रस्तावित स्थलों में इस साल नॉर्थ ईस्ट राज्यों के छह स्थलों का नाम शामिल किया गया है। यूनेस्को भेजी जाने वाली सूची में चार स्थल अरुणाचल प्रदेश से हैं और दो असम से हैं। 






मई में भेजी जाने वाले इस सूची में अरुणाचल प्रदेश स्थित अपातनी सांस्कृतिक नजारे, नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान, साड़ी बुनकर समूह और थेबैंग गांव शामिल हैं। वहीं, असम से मोइडम कब्रिस्तान व ब्रहमपुत्र नदी के बीच स्थित मजौली द्वीप को भी सूची में शामिल किया गया है। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि इन सभी स्थलों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

 




आपको बता दें कि पिछले साल सफेद संगमरमर से बना भारत का प्रतिष्ठित ताजमहल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में दूसरे स्थान पर आया था। एक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित इस विरासत को दूसरे स्थान के लिए चुना गया था। मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाए गए इस वैश्विक धरोहर में हर साल 80 लाख से अधिक लोग आते हैं। पहले स्थान के लिए कंबोडिया के अंगकोर वाट को चुना गया था। सर्वेक्षण में यूनेस्को के सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत स्थलों को सूचीबद्ध किया गया था।