चुनाव के दौरान मोदी सरकार को पड़ी सुप्रीम कोर्ट से फटकार, जानिए क्यों

Daily news network Posted: 2019-04-26 08:51:25 IST Updated: 2019-04-26 10:17:53 IST
चुनाव के दौरान मोदी सरकार को पड़ी सुप्रीम कोर्ट से फटकार, जानिए क्यों
  • सुप्रीम कोर्ट ने असम में डिटेंशन सेंटर्स के मामले पर सुनवाई करते हुए असम सरकार की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की है कि उसने विदेशी करार दिए गए लोगों को डिटेंशन सेंटर्स से कुछ शर्तों पर रिहा किए जाने की बात कही।

गुवाहाटी।

सुप्रीम कोर्ट ने असम में डिटेंशन सेंटर्स के मामले पर सुनवाई करते हुए असम सरकार की इस बात के लिए कड़ी आलोचना की है कि उसने विदेशी करार दिए गए लोगों को डिटेंशन सेंटर्स से कुछ शर्तों पर रिहा किए जाने की बात कही। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि जिन लोगों ने देश में अवैध प्रवेश ले रखा है, उन्हें देश में कैसे रहने दिया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि असम सरकार वहां रह रहे एक लाख से ज्यादा विदेशियों को पकड़ने में नाकाम रही है। असम सरकार उनमें से केवल 900 लोगों को हिरासत में ले सकी है।




कोर्ट ने असम के मुख्य सचिव से कहा कि आपको अपने पद पर रहने का कोई हक नहीं है क्योंकि आपने संविधान के उलट हलफनामा दाखिल किया है। हम आपको नोटिस जारी कचुनाव के दौरान मोदी सरकार को पड़ी सुप्रिम कोर्ट से फटकार, जानिए क्योंरेंगे। पिछले नौ अप्रैल को कोर्ट ने कहा कि विदेशियों को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है। कोर्ट ने असम के मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि वे इस बात का हलफनामा दायर करें कि डिटेंशन सेंटर्स से विदेशियों की रिहाई के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।



 सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा था कि डिटेंशन सेंटर्स में विदेशियों को छोड़ने के लिए जमानत और पुलिस को सूचित करने जैसे उपाय पर विचार करें। पिछले एक अप्रैल को कोर्ट ने असम में अवैध तरीके से रह रहे विदेशियों को वापस भेजने को लेकर राज्य सरकार के ढीले रवैये पर फटकार लगाई थी। पिछले 13 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने असम सरकार से कहा था कि वह अवैध प्रवासियों के निर्वासन के मामले में गंभीर नहीं है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि आपने इसे मजाक बना दिया है।