सर्द मौसम में छुट्टियां बिताने का सबसे बेस्ट डेस्टिनेशन 'माजुली'

Daily news network Posted: 2018-01-12 19:37:21 IST Updated: 2018-01-12 19:37:21 IST
  • 'सेवन-सिस्टर्स' के नाम से विश्व विख्यात भारतीय उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के सात राज्य कई खूबसूरत पर्यटक स्थलों का गढ़ हैं। चाहे बात हिमालय से ढके अरुणाचल प्रदेश की हो या फिर ब्रह्मपुत्र नदी को अपने में समाए खूबसूरत राज्य असम की। डेली न्यूज़ की ट्रेवल सीरीज में आज हम आपको असम के एक ऐसे आइलैंड के बारे में ब

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'सेवन-सिस्टर्स' के नाम से विश्व विख्यात भारतीय उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के सात राज्य कई खूबसूरत पर्यटक स्थलों का गढ़ हैं। चाहे बात हिमालय से ढके अरुणाचल प्रदेश की हो या फिर ब्रह्मपुत्र नदी को अपने में समाए खूबसूरत राज्य असम की। डेली न्यूज़ की ट्रेवल सीरीज में आज हम आपको असम के एक ऐसे आइलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप का दर्जा प्राप्त है। 

 

ब्रह्मपुत्र नदी के बीच में 875 वर्ग किमी के क्षेत्रफल में फैले इस गुमनाम द्वीप का नाम है 'माजुली'। 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा चुके इस एक मात्र नदी द्वीप को देखने के लिए देश-दुनिया से हजारों पर्यटक रोजाना असम तक का सफर तय करते हैं। आईए जानते हैं यह नदी द्वीप पर्यटन के लिहाज से आपको किस तरह रोमांचित और आनंदित कर सकता है।

 

ब्रह्मपुत्र नदी की खूबसूरती पर चार-चांद लगाता माजुली द्वीप असम के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इस आइलैंड की विशेषताओं को देखते हुए इसे प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। असम की ऐतिहासिक संस्कृति को जीवंत रूप प्रदान करता यह द्वीप पर्यटकों के मध्य काफी लोकप्रिय होता जा रहा है।  नेचर लवर्स और फोटोग्राफी के शौकिनों के लिए यह एक परफेक्ट प्लेस है। 

 

 

 

अगर आप उत्तर-पूर्वी संस्कृति को गहराई से समझना चाहते हैं तो एक बार इस नदी द्वीप पर कुछ समय जरूर बिताकर आएं। जानकारी के लिए बता दें कि माजुली लंबे समय से विभिन्न जाति-जनजातियों का भरण-पोषण करते आ रहा है। यहां के स्थानीय लोगों के मध्य समय बिताकर आप यहां के लोक कलाओं, रहन-सहन को समझ सकते हैं। इस द्वीप को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है।

 

 

जलवायु के लिहाज से आप इस नदी द्वीप की यात्रा अक्टूबर से मार्च के मध्य कर सकते हैं। ग्रीष्मकाल में यह अत्यधिक गर्म रहता है। वर्षा ऋतु में यहां आना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इस दौरान ब्रह्मपुत्र नदी का बहाव तेज हो जाता है जिससे बाढ़ की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। सुविधाजनक और आनंदित यात्रा के लिए आप यहां सर्दियों के मौसम में आ सकते हैं। इस समय मौसम अत्यधिक शांत और सुहावना रहता है।

 

 

असम की सांस्कृतिक राजधानी मंजोली गुवाहाटी शहर से लगभग 300 किमी की दूरी पर स्थित है। द्वीप का निकटतम शहर और एयरपोर्ट 'जोरहाट' है। माजुली तक पहुंचने के लिए आप गुवाहाटी से रास्ते जोरहाट आ सकते हैं जहां से माजुली का सफर महज 20 किमी की दूरी के साथ पूरा किया जा सकता है। जोरहाट से आप बस सा टैक्सी का सहारा ले सकते हैं। आप हवाई मार्ग से अलावा ट्रेन से भी पहुंच सकते हैं। गुवाहाटी रेल मार्ग कोलकाता शहर से जुड़ा हुआ है।