सेना में कमांडो बनने जा रही असम की ये लड़की बन गई उग्रवादी, जानिए क्यों

Daily news network Posted: 2018-12-24 14:21:35 IST Updated: 2018-12-25 08:24:14 IST
  • असम के फानेंग गांव की करिश्मा मेच हाल ही में कथित रूप से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम(उल्फा-आई) में शामिल हो गई थी।

गुवाहाटी।

असम के फानेंग गांव की करिश्मा मेच हाल ही में कथित रूप से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम(उल्फा-आई) में शामिल हो गई थी। असम पुलिस ने काफी छानबीन और अपने सूत्रों से सुनिश्चित करने के बाद हाल ही में करिश्मा के उल्फा में भर्ती होने की पुष्टि की थी। करिश्मा के उग्रवादी बनने के बाद इसी गांव के 22 वर्षीय एक और युवक के उल्फा-आई में शामिल होने की बात सामने आई। 


 

करिश्मा का गांव तिराप नदी के किनारे बसा है। सुरक्षा के नजरिए से ये एक ऐसा संवेदनशील इलाका है जहां सरकार ने आज भी सश बल विशेषाधिकार अधिनियम 1958 यानी अफ्स्पा लगा रखा है। डेढ़ साल पहले करिश्मा के पिता का देहांत हो गया था। इसके बाद उसकी मां अरुणाचल प्रदेश में किसी के घर काम करने चली गई और बड़ा भाई किसी अन्य राज्य में काम करता है। करिश्मा की मां मंजू मेच को अब भी उम्मीद है कि उनकी बेटी वापस लौट आएगी। वो मीडिया के जरिए कई बार उल्फा के कैडरों से अपनी बेटी को लौटाने की अपील कर चुकी है। 



पुलिस और सुरक्षा बलों के लोग मंजू पर भी नजर रखे हुए हैं। अपनी बेटी के उग्रवादी बनने पर मंजू कहती है, करिश्मा कराटे सीखने के लिए काफी जिद करती थी। पहले तो मैंने उसे मना कर दिया था। लेकिन वो कहती थी कि अगर कराटे सीख लेगी तो उसे सेना या फिर पुलिस में भर्ती होने में मदद मिलेगी। बाद में उसको कराटे सीखने के लिए भेजने लगी। वो नेपाल में एक कराटे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जाने की बात कह रही थी। फिर वो अचानक बीते एक मई से लापता हो गई। मैंने उसे हर जगह तलाशा और बाद में पुलिस में लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस से मुझे पता चला कि करिश्मा उग्रवादी संगठन उल्फा में चली गई है लेकिन मेरा मन आज भी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है। मैंने उसे बहुत प्यार से बड़ा किय है। वो लौट आएगी तो मैं फिर उसे आगे पढ़ाऊंगी। 



करिश्मा की सहेली रीना बसुमतारी बताती है कि करिश्मा एक लड़के से प्यार करती थी। वो लड़का अक्सर उसके घर मिलने आया करता था। वो शादी भी करना चाहती थी लेकिन पता नहीं बाद में दोनों के बीच क्या विवाद हुआ। सरकार से बातचीत का विरोध कर रहे उल्फा के इस धड़े से जुडऩे से कई दिन पहले तक करिश्मा रीमा के घर में एक साथ रहा करती थीं। दसवीं की फाइनल परीक्षा की तैयारी कर रहीं रीना बताती है, करिश्मा मुझसे उम्र में दो साल बड़ी है। 10वीं में फेल होने के कारण हम एक ही क्लास में साथ पढऩे लगे। वैसे तो वो मुझसे काफी बातें करती थी लेकिन बड़ी होने के लिहाज से मैं चाहकर भी उसके प्यार के बारे में बात नहीं कर पाती थी। 

 


बकौल रीना, वो लड़का शिवसागर शहर से यहां आता था और दोनों की शादी की बात चल रही थी। करिश्मा कुंग फू कराटे भी सीख रही थी। शायद उसके दिमाग में कुछ और चल रहा था। एक बार पूछने पर उसने सिर्फ इतना कहा था कि वो कुंग फू में बेल्ट हासिल करने की परीक्षा देने गुवाहाटी जाएगी लेकिन इस बात के महज दो तीन दिन बाद ही वो उल्फा में शामिल हो गई। वो अक्सर कहती थी कि उसे सेना में कमांडो बनना है लेकिन वो उग्रवादी संगठन में क्यों चली गई, मुझे नहीं पता। रीना वही लड़की है जिसके पिता हेमकांत बसुमतारी पर करिश्मा को उग्रवादी बनाने के आरोप हैं। हेमकांत इन आरोपों के कारण जेल में बंद हैं। 

 


47 वर्षीय पुना सोनोवाल ने बताया कि हमारे गांव में आज तक उल्फा में एक भी लड़की नहीं गई। ये पहली लड़की है जिसने हथियार उठाया है। साल 1991 में हमारे गांव से कई लड़के उल्फा में शामिल हुए थे लेकिन बाद में उनमें से अधिकतर ने समर्पण कर दिया था। उस समय उल्फा में शामिल हुए दो लड़के आज भी लापता हैं। हमारे गांव से उल्फा में जाने वाले ज्यादातर लड़के आहोम समुदाय से थे। साल 2003 में उल्फा के खिलाफ भूटान में चलाए गए सेना के ऑपरेशन ऑल क्लीयर में हमारे गांव के प्रकाश दिहिंगिया लापता हुए थे जो आजतक नहीं मिले। पुना सोनोवाल करिश्मा को करीब से जानते हैं। 

 


करिश्मा 18 साल की हो गई थी। चूंकि वो जागुन हाई स्कूल में 10 वीं पढ़ाई कर रही थी तो कई लोग उसकी उम्र को कम बताते हैं। वो गांव में सबसे बातचीत करती थी। कोई सोच भी नहीं सकता कि वो इस तरह हथियार उठा लेगी। गांव में विकास और बेरोजगारी जरूर एक मुद्दा है लेकिन करिश्मा के उग्रवादी बनने का कारण ये नहीं हो सकता। हमारे गांव से और भी कई लड़के लड़कियां नदी के उस पार पैदल चलकर स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई करने जाते हैं। इसका मतलब ये तो नहीं कि वे सभी उग्रवादी बन जाएंगे।  फानेंग गांव के लोग भले ही करिश्मा के उग्रवादी बनने के पीछे कोई एक ठोस कारण नहीं बताते लेकिन कई लोग उसकी कथित लव स्टोरी की बात जरूर करते हैं।