गठबंधन में दरार, भाजपा से रिश्ते खत्म करने की धमकी

Daily news network Posted: 2018-04-10 15:52:32 IST Updated: 2018-04-10 15:52:53 IST
गठबंधन में दरार, भाजपा से रिश्ते खत्म करने की धमकी
  • असम में नागरिकता संशोधन बिल 2016 बड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। बिल को लेकर भाजपा और असम गण परिषद के रिश्तों में खटास आ गया है।

गुवाहाटी।

असम में नागरिकता संशोधन बिल 2016 बड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। बिल को लेकर भाजपा और असम गण परिषद के रिश्तों में खटास आ गया है। असम गण परिषद ने नागरिकता कानून में बदलवा की स्थिति में भाजपा से गठबंधन तोडऩे की धमकी दी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ला कुमार महंता ने कहा है कि अगर नागरिकता संशोधन बिल-2016 पारित हुआ तो असम गण परिषद भाजपा से गठबंधन तोड़ देगी। 




महंता ने कहा कि सिर्फ भाजपा ही नागरिकता संशोधन बिल-2016 को पारित कराने की कोशिश कर रही है, इस कारण राज्य के विभिन्न संगठन और वर्ग असम गण परिषद की आलोचना कर रहे हैं। अगर बिल पास हुआ तो आगे भाजपा और असम गण परिषद का गठबंधन नहीं रहेगा। असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल के संबंध में लंबे समय से भाजपा अपना रूख साफ नहीं कर रही है, चूंकि असम गण परिषद भी गठबंधन सरकार का हिस्सा है, इसलिए उसकी भी आलोचना की जा रही है। महंता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों से पहले जो वादे किए थे उन्हें पूरा करने में विफल रही है। सरकार महंगाई पर भी काबू पाने में विफल रही है। 



इस कारण लोग असम गण परिषद की भी आलोचना कर रहे हैं। असम गण परिषद के नेता ने कहा, उनका बिल पारित कराने को समर्थन राज्य के लोगों के लिए चिंता के सबसे बड़े मसलों में से है। महंता ने कहा कि अगर बिल पारित होने का कोई चांस हुआ तो असम गण परिषद के पास भाजपा से सभी संबंध तोडऩे के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मसले पर ज्यादा मुखर नहीं है, राज्य के लोग आलोचना करते हैं और सोचते हैं कि असम गण परिषद भी इसका (नागरिकता संशोधन बिल 2016)समर्थन कर रही है। 



आपको बता दें कि भाजपा ने असम में असम गण परिषद के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। असम में पहली बार भाजपा की सरकार बनी। असम गण परिषद भी सरकार का हिस्सा है। सर्वानंद सोनोवाल गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।