योग के जरिए भारत-चीन सीमा पर कम होगा तनाव!

Daily news network Posted: 2018-04-11 16:06:07 IST Updated: 2018-04-11 16:06:07 IST
योग के जरिए भारत-चीन सीमा पर कम होगा तनाव!
  • भारत-चीन सीमा पर तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसे कम करने के लिए भारतीय सेना ने नई पहल की है। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चीनी सेना और भारतीय सुरक्षा बल एक साथ योग कर सकते हैं।

नई दिल्ली।

भारत-चीन सीमा पर तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसे कम करने के लिए भारतीय सेना ने नई पहल की है। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चीनी सेना और भारतीय सुरक्षा बल एक साथ योग कर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख के चुशूलू में चीनी सेना और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग(बीपीएम) हुई थी। इसमें दोनों देशों की सेनाओं के एक साथ योग करने पर चर्चा हुई।



हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन सूत्रों का कहना है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दोनों देशों की सेनाएं एक साथ लद्दाख में योग कर सकते हैं। माना जा रहा है कि योग के जरिए भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी कम हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय सुरक्षा बलों के साथ पीएलए की मीटिंग हुई थी। बैठक में दोनों साथ साथ योग करने पर सहमत हो गए थे। 




दोनों देशों की सेनाएं फाइनल मोडलिटीड पर अंतिम फैसला मई के अंत में लेगी। दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चीन दौरे से पहले दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश हो रही है। इसी कड़ी में योग अभ्यास को जोड़कर देखा जा रहा है ताकि सीमा पर तनाव कम हो। 




आपको बता दें कि हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के असफिला क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। चीन ने असफिला क्षेत्र में भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। चीन ने इस क्षेत्र पर अपना दावा ठोका और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को अतिक्रमण करार दिया था। चीन ने दावा किया था कि असफिला क्षेत्र उसका हिस्सा है। 



भारतीय सेना ने इन आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया था। चीन ने 15 मार्च को बॉर्डर पर्सनल मीटिंग में इस मसले को उठाया था। यह बैठक किबिथू इलाके में चीन की तरफ दईमाई चौकी पर हुई। भारत का कहना है कि असफिला अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी क्षेत्र का हिस्सा है। भारतीय सेना इस इलाके में लगातार पेट्रोलिंग करती आ रही है। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय का कहना था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश को कभी मान्यता नहीं दी है। आपको बता दें कि असफिला क्षेत्र में चीन ने निर्माण कार्य करने की भी कोशिश की थी जिसका भारतीय सेना ने कड़ा विरोध किया था। भारत के विरोध के बाद चीन को यहां अपना निर्माण कार्य बंद करना पड़ा था।