CCD फाउंडर की हत्या के बाद वित्त मंत्रालय ने दी टैक्स प्रशासन को ये नसीहत

Daily news network Posted: 2019-08-18 09:11:34 IST Updated: 2019-08-18 17:49:59 IST
  • सूचित नागरिकों की सेवा के लिए मानसकिता बदलने की जरूरत है।

नई दिल्ली

टैक्स आतंकवाद के आरोपों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टेक्नॉलजी आधारित अप्रोच की वकालत करते हुए कहा है कि टैक्स अधिकारियों को अपनी मानसिकता बदलने की आवश्यकता है। यहां बड़ी संख्या में जुटे टैक्स अधिकारियों के बीच वित्त मंत्री ने कहा, 'टैक्स प्रशासन को बहुत संवदेनशील भूमिका निभानी होती है और जिसके लिए सूचित नागरिकों की सेवा के लिए मानसकिता बदलने की जरूरत है।

 


मोदी ने भी जताई थी चिंता

आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऐसे उपायों का सुझाव दिया था, जिससे यह सुनिश्चत हो कि ईमानदार टैक्सपेयर्स का उत्पीड़न ना हो। पीएम की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने अधिकारियों और टैक्सपेयर्स का आमना-सामना नहीं होने पर बल दिया। उन्होंने कहा, 'टेक्नॉलजी के इस्तेमाल और फेसलेस असेसमेंट वक्त की मांग है।

 

 


पिछले सप्ताह पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकार टैक्स उत्पीड़न में कमी के लिए उपायों को लागू करेगी। हाल ही में कैफे कॉफी डे फाउंडर वीजी सिद्धार्थ की आत्महत्या के बाद टैक्स उत्पीड़न को लेकर आवाज उठी थी। सिद्धार्थ ने जान देने से पहले लिखे एक लेटर में एक वरिष्ठ अधिकारी पर टैक्स उत्पीड़न का भी आरोप लगाया था।

 


पूर्वोत्तर राज्य जीएसटी संग्रह में आगे

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में पूर्वोत्तर राज्यों ने जीएसटी संग्रह में 30 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि मैन्यूफैक्चरिंग में अग्रणी बढ़े राज्यों से काफी ज्यादा है। पूर्वोत्तर के सात राज्यों का जीएसटी संग्रह नौ फीसदी के राष्ट्रीय औसत से तीन गुना से अधिक रहा है।

 

 


नागालैंड सबसे आगे

 

पूर्वोत्तर राज्यों में नगालैंड ने सबसे अधिक 39 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है और अप्रैल-जुलाई के दौरान कुल संग्रह 393 करोड़ रुपए रहा। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के जीएसटी संग्रह में 35 फीसदी बढ़ोतरी हुई और यह 514 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 32 फीसदी बढ़ोतरी के साथ सिक्किम का संग्रह 370 करोड़ रुपए हो गया। मेघालय ने 30 फीसदी बढ़ोतरी के साथ संग्रह 680 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।