असमः कांग्रेस सांसद ने कहा, जावड़ेकर से मिलना आसान, DU के कुलपति से मुश्किल

Daily news network Posted: 2018-04-14 12:20:11 IST Updated: 2018-04-14 12:20:11 IST
असमः कांग्रेस सांसद ने कहा, जावड़ेकर से मिलना आसान, DU के कुलपति से मुश्किल
  • दिल्ली विश्वविद्यालय में केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो.रमेश चंद्रा के खिलाफ मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

गुवाहाटी।

दिल्ली विश्वविद्यालय में केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो.रमेश चंद्रा के खिलाफ मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पर असम के सिलचर से कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने कुलपति प्रो. योगेश त्यागी मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, पांच दिन से मैं कुलपति से मिलने के लिए समय मांग रही हूं, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मिलना आसान है, लेकिन डीयू के कुलपति से मिलना मुश्किल है।

 

 


 उन्होंने कहा कि मैं काफी देर तक गेट पर खड़ी रही, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने दरवाजा नहीं खोला। बाद में शिक्षकों के विरोध के बाद डीयू में स्काॅलर, कार्यकारी समिति के सदस्य तथा अन्य लोग मेरे साथ प्रॉक्टर प्रो. नीता सहगल से मिलने गए। कुलपति उस समय कार्यालय में नहीं थे।

 


 प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए सुष्मिता देव ने कहा, मैंने पहले अपना धैर्य दिखाया और कुछ नहीं किया, लेकिन अब मैं मुखर विरोध करूंगी। मैं इस मामले में केंद्रीय मंत्री या राष्ट्रपति से भी मिल सकती थी, लेकिन मुझे लगा कि विश्वविद्यालय प्रतिष्ठित संस्थान है। इसलिए पहले कुलपति से मिल लिया जाए पर उन्होंने मिलने का समय नहीं दिया। मैं छात्रों से भी कहूंगी कि इस मामले को लेकर कोर्ट जाना चाहिए। सांसद ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रॉकी तुसीद से भी बातचीत की और छात्रों के साथ खड़ा रहने के लिए कहा।

 

 


 प्रदशन कर रहे एक छात्र ने कहा कि कुलपति छात्रों से नहीं मिलते हैं और न उनकी समस्याएं सुनी जाती है। इसलिए यह गतिरोध आ रहा है। यहां तक कि छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान केमिस्ट्री के विभागाध्यक्ष को हटाने की मांग की। बता दें कि प्रो.रमेश चंद्रा के खिलाफ यौन उत्पीड़न के अलावा पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गुरमीत सिंह के ऊपर जूता तानने और विभाग के ही एक शिक्षक बीके सिंह के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है।