असम राइफल्स को मिली विशेष छूट पर लग गई रोक

Daily news network Posted: 2019-02-23 10:55:28 IST Updated: 2019-02-23 10:57:09 IST
असम राइफल्स को मिली विशेष छूट पर लग गई रोक
  • असम विधानसभा में कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने असम राइफल्स को विशेष शक्तियां दिए जाने के मसले पर चर्चा के लिए दिया गया अपना स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के साथ ही सदन से वॉकआउट भी किया।

गुवाहाटी

असम विधानसभा में कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने असम राइफल्स को विशेष शक्तियां दिए जाने के मसले पर चर्चा के लिए दिया गया अपना स्थगन प्रस्ताव खारिज करने के साथ ही सदन से वॉकआउट भी किया। इसी के साथ ही कांग्रेस के नेता का दावा है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, असम राइफल्स के 100 में से 37 मामलों में मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है।

 

 


 राज्य सरकार ने इस मसले पर अन्य माध्यमों से चर्चा कराने की इच्छा जताई लेकिन कांग्रेस, एआईयूडीएफ और असम गण परिषद अपनी मांग पर अड़े रहे कि इस मामले पर सिर्फ स्थगन प्रस्ताव के जरिए ही चर्चा हो। बता दें कि कांग्रेस, एआईयूडीएफ और असम गण परिषद की ओर से तीन अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव पेश किए गए क्योंकि इन दलों का मानना है कि असम राइफल्स को विशेष अधिकार देने वाली अधिसूचना से मानव अधिकारों का उल्लंघन होगा और सैन्य शासन आ जाएगा। दरअसल, गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर असम राइफल्स को किसी को भी गिरफ्तार करने और असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम में बिना किसी वॉरंट के तलाशी लेने का अधिकार दिया था।

 

 


इस पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब राज्य की बीजेपी सरकार कह रही है कि पूर्वोत्तर में शांति है तो फिर यह अधिसूचना क्यों जारी की गई। उन्होंने कहा, 'एक रिपोर्ट बताती है कि असम राइफल्स के 100 में से 37 मामलों में मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। इससे कनिष्ठ अधिकारी को भी बिना वॉरंट के किसी को गिरफ्तार करने की शक्ति मिलती है। इससे मानवाधिकार का पूरी तरह उल्लंघन होगा।'

 

 

 

गृह मंत्रालय अब संबंधित राज्य सरकारों के साथ इस मुद्दे पर फिर से विचार करेगा, जिन्होंने जाहिरा तौर पर अर्द्धसैनिक बल को व्यापक अधिकार दिए जाने के कदम का विरोध किया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने फैसला किया है कि 19 फरवरी को जारी की गई संबंधित अधिसूचना को स्थगित रखा जाए और इस पूरे मामले पर राज्य सरकारों के साथ विचार किया जाएगा। उस अधिसूचना के जरिए असम राइफ्लस को अधिकार दिए गए थे। अधिकारियों ने कहा कि सीआरपीएफ के तहत असम राइफल्स कानून 1941 के तहत राइफल्स को शक्तियां प्राप्त थीं। हालांकि राइफल्स कानून 2006 के लागू होने के बाद तब से इन शक्तियों को फिर से लागू करने का मुद्दा विचारधीन है। असम राइफल्स पूर्वोत्तर में प्रमुख उग्रवाद विरोधी बल है। यह संवेदनशील भारत-म्यामांर सीमा की भी रक्षा करता है। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल कानून लागू है जिसके तहत क्षेत्र में सेना को इस तरह की शक्ति प्रदान है।