इस राज्य में 6 मास्टर बन गए विधायक

Daily news network Posted: 2018-12-12 10:20:56 IST Updated: 2018-12-13 08:34:16 IST
  • मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने अन्य राज्यों के सामने एक उदाहरण पेश किया है। यहां मिजोरम यूनिवर्सिटी के 6 शिक्षकों की विधानसभा में एंट्री हुई है।

आईजोल।

मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने अन्य राज्यों के सामने एक उदाहरण पेश किया है। यहां मिजोरम यूनिवर्सिटी के 6 शिक्षकों की विधानसभा में एंट्री हुई है। आपको बता दें कि मिजोरम में सबसे ज्यादा साक्षरता दर है। मिजोरम में साक्षरता की दर 91.33 फीसदी है। मिजोरम यूनिवर्सिटी के 6 शिक्षकों में से 5 पाचुंगा कैंपस से हैं जबकि एक यूनिवर्सिटी के मिजोरम कैंपस से हैं।

 

 


ये सभी मिजोरम विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए हैं, जिसे अच्छा संकेत माना जा रहा है।निर्वाचित हुए 6 शिक्षकों में से चार ने मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। शेष 2 ने अन्य क्षेत्रीय दलों के टिकट पर चुनाव लड़ा था। निर्दलीय उम्मीदवार डॉ.वानलालथलाना जो डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के फैकल्टी हैं, ने आईजोल नॉर्थ-2 विधानसभा सीट से एमएनएफ के उम्मीदवार एल.खियांग्ते के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

 

 


एमएनएफ के उम्मीदवार डॉ.थांगमाविया जो डिपार्टमेंट ऑफ मैथेमेटिक्स के फैकल्टी हैं, ने लेंगतेंग विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार एच.रोहलुना को हराया जबकि एमएनएफ के उम्मीदवार डॉ.तॉनलुइया ने तुइचांग विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार डब्ल्यू चुआनावमा को हराया। डॉ तॉनलुइया मिजोरम यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ फिलोसॉफी में असोसिएट प्रोफेसर हैं। एमएनएफ उम्मीदवार डॉ एफ.लालनुनमाविया मिजोरम यूनिवर्सिटी में बॉटनी डिपार्टमेंट में असोसिएट प्रोफेसर हैं।

 

 


उन्होंने आईजोल दक्षिण-3 सीट से जीत दर्ज की। माविया ने कांग्रेस उम्मीदवार के.एस.थंगा को हराया। आपको बता दें कि मिजोरम में 10 साल बाद एमएनएफ की सत्ता में वापसी हुई है। एमएनएफ ने विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। एमएनएफ चीफ जोरामथंगा राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

 

 

 

एमएनएफ ने विधानसभा की 40 सीटों में से 26 पर जीत दर्ज की है। वहीं पिछले 10 साल से सत्ता में रही कांग्रेस महज 5 सीटों पर सिमट गई। भाजपा ने 25 साल बाद अपना खाता खोला है। पार्टी को एक सीट पर जीत मिली। राज्य में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 21 का था,जिसे एमएनएफ ने हासिल कर लिया।