सिक्किम वासियों के लिए खुशखबरी, जल्द मिलेगा पहला एयरपोर्ट

Daily news network Posted: 2018-04-11 14:52:33 IST Updated: 2018-06-26 14:50:07 IST
सिक्किम वासियों के लिए खुशखबरी, जल्द मिलेगा पहला एयरपोर्ट
  • सिक्किम के नए बने पाक्योंग एयरपोर्ट पर जून से विमान सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है,इसको लेकर आज बागडोगरा एयरपोर्ट एक उच्चस्तरीय बैठक हुई।

गंगटोक

सिक्किम के नए बने पाक्योंग एयरपोर्ट पर जून से विमान सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है, इसको लेकर आज बागडोगरा एयरपोर्ट एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। जिसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई)के तमाम आला अधिकारी के साथ ही विभिन्न एयरलाइन कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

 


 

 जानकारी के अनुसार शुरू में पाक्योंग-कोलकाता तथा पाक्योंग- गुवाहाटी के बीच विमान सेवा शुरू की जायेगी. उसके बाद दिल्ली के लिए भी उड़ान सेवा शुरू करने पर विचार होगा. पाक्योंग - कोलकाता विमान सेवा स्पाइसजेट नामक एयरलाइन कंपनी कर रही है। स्पाइसजेट के अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर ट्रायल रन पहले ही हो चुका है, जून में ही विमान सेवा शुरू कर दी जाएगी।

 

 

 


इस बीच बागडोगरा एयरपोर्ट पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में कोलकाता एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल(एटीसी) के एडीसी कल्याण चौधरी , ईस्टर्न रीजन के जेनरल मैनेजर पीके हजारी, दिल्ली एयरोस्पेस मैनेजमेंट के जीएम के वासुदेवन, वायुसेना के विंग कमांडर आई एम रंधावा के साथ ही गुवाहाटी एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।

 

 



बैठक की अध्यक्षता बागडोगरा एयरपोर्ट के डायरेक्टर राकेश आर सहाय ने की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राकेश आर सहाय ने बताया कि पाक्योंगएयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने को लेकर चर्चा हुई इसके विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि इस रूट पर भूटान के पारो से नेपाल के काठमांडु के बीच भी विमान सेवा चालू है,इसके अलावा बागडोगरा -पाक्योंग हेलीकॉप्टर सेवा भी संचालित है वायुसेना के विमान भी उड़ान भरते हैं, एक तरह से कहें तो इस रूट पर कई विमानों के उड़ान भरने की प्रक्रिया जारी रहती है।

 

 


 

 इसी को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों को लेकर यह बैठक की गई है, इसमें खासकर एटीसी अधिकारियों की विशेष उपस्थिति रही। इसके साथ ही बैठक में यात्री सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से विचार विमर्श किया गया, सहाय ने आगे कहा कि यह इलाका काफी संवेदनशील है यहां नीचे बड़े-बड़े पहाड़ हैं,  इसके साथ ही निकट में चीन की अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है। इसी वजह से इस क्षेत्र में विमान सेवा संचालित करना अपने आप में काफी चुनौतीपूर्ण है, इन्हीं तमाम पहलुओं पर  बैठक में विचार विमर्श किया गया।