CM बीरेन की टिप्पणी पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश

Daily news network Posted: 2018-04-02 14:17:38 IST Updated: 2018-04-02 14:17:38 IST
CM बीरेन की टिप्पणी पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश
  • मणिपुर कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कहा कि इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश का जा रही है।

इंफाल।

मणिपुर कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कहा कि इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश का जा रही है। बता दें कि गुजरात के पोरबंदर जिले में माधवपुर मेंले में अपने हालिया यात्रा के दौरान बीरेन सिंह ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश द्वापर से ही भारत का हिस्सा रहा है आैर भगवान कृष्ण ने पौराणिक काल में मणिपुर को भारत को हिस्सा बनाया था।

 


 

 इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण के विवाह की पौराणिक कथा का भी जिक्र किया आैर कहा कि रुक्मिणी से विवाह करके कृष्ण ने पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ा था। उन्होंने कहा एकीकृत भारत का हिस्सा होने के बाद भी अतीत में राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से पूर्वोत्तर राज्यों की अनदेखी की गई।

 


बीरेन सिंह ही नहीं बल्कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू आैर महेश शर्मा ने भी रुक्मिणी के पूर्वोत्तर से होने के पौराणिक संदर्भ के बारे में बातें की।  मौके पर इन नेताअों के अलावा कर्इ भाजपा नेता भी मौजूद थे।

 

 

 

 कांग्रेस के अलावा स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री के इस बयान पर नाराजगी जाहिर की है। जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता बीनालक्ष्मी नेपराम ने सोशल मीडिया पर ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के लिए मुख्यमंत्री से माफी मांगने के लिए कहा है।

 


 

 सिंह के बयान को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह की अगुवाई में विपक्षी नेताओं ने कहा कि गुजरात में अपने ‘गैर-जिम्मेदाराना दावों’ के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।स्थानीय कांग्रेस भवन में एक प्रेस कांफ्रेंस में इबोबी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे से ‘राजनीतिक लाभ’ नहीं लेना चाहती और सिर्फ तथ्यों पर स्पष्टीकरण चाहती है।

 

 


उन्होंने कहा, ‘राज्य का 1949  में राजनीतिक तौर पर भारत में विलय हुआ और बीरेन को अपने गैर-जिम्मेदाराना दावों के लिए स्पष्टीकरण देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।’